उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने अवेध निर्माण पर लगाम लगाने में हाथ खडे़ कर दिए हैं।
नगर निगम के महत्वपूर्ण पद संभाल रहे भाजपा पार्षद ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह व उपराज्यपाल नजीब जंग को पत्र लिख कर कहा कि अवैध निर्माण के लिए अकेले नगर निगम जिम्मेदार नहीं है। अवैध निर्माण के मामले में दिल्ली पुलिस की भी जिम्मेदारी तय की जाए।
स्थायी समिति के अध्यक्ष मोहन भारद्वाज ने अवैध निर्माण पर कहा कि नगर निगम के भवन विभाग में अधिकारियों व कर्मचारियों की काफी कमी है। इस कारण वह गली-गली जाकर अवैध निर्माण के बारे में मालूम नहीं कर सकते।
उन्होंने उनको सुझाव दिया कि अवैध निर्माण रोकने के लिए दिल्ली पुलिस को मुख्य तौर पर जिम्मेदारी दी जाए, क्योंकि दिल्ली पुलिस ने छोटे-छोटे इलाकों की बीट बनाकर उनमें कई-कई पुलिसकर्मी नियुक्त कर रखे हैं। इसके चलते उन्हें अपनी बीट के इलाके की तमाम गतिविधियों के बारे में जानकारी रहती है। इस कारण अवैध निर्माण कराने में पुलिसकर्मियों की भूमिका नहीं होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
मोहन भारद्वाज अवैध निर्माण के लिए स्पेशल टास्क फोर्स को भी जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि अवैध निर्माण रोकने की जिम्मेदारी फोर्स की भी है और उसका गठन अवैध निर्माण रोकने के लिए हुआ है।
उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री व उपराज्यपाल को पत्र लिखने का निर्णय उनके इलाके में एक माह के अंदर अवैध निर्माण के चलते दो बार बिल्डिंग गिरने के हुए हादसों के चलते लिया है। उन्होंने बताया कि वह इस संबंध में जल्दी ही गृह मंत्री व उपराज्यपाल से मिलेंगे।