राजधानी में रोजाना बढ़ते वाहनों की संख्या के बीच ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखना यातायात पुलिस के लिए चुनौती भरा हो गया है। यही वजह है कि यातायात को गति देने और लोगों के सुरक्षित सफर के लिए ट्रैफिक पुलिस अब ज्यादा सख्त हो गई है। जिसका नतीजा यह है कि पिछले साल 98.56 करोड़ के मुकाबले इस साल ट्रैफिक पुलिस ने 64.79 लाख लोगों के चालान कर 105.99 करोड़ रुपये की कमाई की।
इनमें सबसे अधिक बिना हेल्मेट के वाहन चलाने वाले 11.93 लाख लोगों के चालान कटे। वहीं, दूसरे नंबर पर 11.63 लाख लोगों के चालान गलत पार्किंग की वजह से काटे गए। ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में यातायात पुलिस वाहन चालकों के लिए और सख्त होगी।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि राजधानी में वाहनों की संख्या हर रोज बढ़ रही है, लेकिन सड़कें उतनी की उतनी ही हैं। ऐसे में वाहनों की बढ़ती संख्या के बीच वाहन चालक ट्रैफिक नियमों को तोड़ने से नही डरते हैं। 2018 के आंकड़ों पर गौर करें तो 6.25 लाख लोगों के चालान सीट बेल्ट न लगाने पर कटे।
वहीं, रेड लाइट तोड़ने के 2.11 लाख, तेज रफ्तार से वाहन चलाने के 1.37 लाख, ट्रिपल राइडिंग के 1.92 लाख, दुपहिया वाहन पर चालक के अलावा दूसरी सवारी के बगैर हेल्मेट के 5.62 लाख, खतरनाक ड्राइविंग के 2.34 लाख, शराब पीकर वाहन चलाने के 37 हजार और गाड़ी चलाने के दौरान मोबाइल के इस्तेमाल पर 15 हजार से अधिक चालान काटे गए। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में इन नियमों को और सख्त कर कार्रवाई की जाएगी।