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दिल्ली पुलिस ने दिया इंसानियत का परिचय: आग के बीच चौथी मंजिल पर पहुंची, 8 दिन की बच्ची समेत 5 लोगों को बचाया

Sun, 08 Dec 2024 02:29 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

मैदान गढ़ी थाना क्षेत्र में स्थित चार मंजिला इमारत में 6 दिसंबर को रात 8.30 बजे भीषण आग लगने के बारे में एक पीसीआर कॉल मिली थी। इसके बाद मैदानगढ़ी थानाध्यक्ष की देखरेख में हवलदार पंकज, गोगराज और नीरज आदि तुरंत आर्य अपार्टमेंट, गली नंबर 10, फेज 2, छतरपुर एन्क्लेव में घटनास्थल पर पहुंचे। 
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आग के बीच में चौथी मंजिल पर पहुंच गए थे पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना काल में दिल की पुलिस बनने वाली दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर वही मिशाल पेश की है। दक्षिण दिल्ली के मैदानगढ़ी थाना क्षेत्र में तीन पुलिस जवानों ने इंसानियत का परिचय देते हुए चार मंजिला इमारत में आग में फंसे 8 दिन की बच्ची समेत पांच लोगों को बचा लिया।

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पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह नहीं की और दिल्ली पुलिस बन गई एक दिल की पुलिस। दिल्ली पुलिस ने तीनों जवानों को उचित इमान देने की घोषणा की है। बच्चों के माता-पिता और समाज ने पुलिस जवानों के द्वारा की गई तत्काल कार्रवाई की सराहना करते हुए दिल्ली पुलिस को दिल की पुलिस होने के लिए धन्यवाद दिया।

दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि मैदान गढ़ी थाना क्षेत्र में स्थित चार मंजिला इमारत में 6 दिसंबर को रात 8.30 बजे भीषण आग लगने के बारे में एक पीसीआर कॉल मिली थी। यह सूचना तुरंत गश्त करने वाली टीम को दी गई। इसके बाद मैदानगढ़ी थानाध्यक्ष की देखरेख में हवलदार पंकज, गोगराज और नीरज आदि तुरंत आर्य अपार्टमेंट, गली नंबर 10, फेज 2, छतरपुर एन्क्लेव में घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंंने देखा कि वहां अफरा-तफरी मची हुई है और इमारत आग की लपटों में घिरी हुई। पुलिस उपायुक्त चौहान ने बताया कि बिना समय बर्बाद किए हवलदार पंकज,गोगराज और नीरज इमारत की पार्किंग में पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जल्दी से अलग हो गए।

आग दूसरी मंजिल पर लगी थी
दक्षिण दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार आग इमारत की दूसरी मंजिल पर लगी थी। इसके बाद आग ऊपर चढ़ते हुए चौथी मंजिल पर पहुंच गई। आग लगते ही ज्यादातर लोग बाहर निकल गए, मगर चौथी मंजिल पर रहने वाले लोग फंस गए थे। इनमें एक 8 दिन की बच्ची की शामिल थी।

किसने क्या-क्या किया

1. हवलदार पंकज
हवलदार पंकज ने आस-पास के इलाके से पानी का टैंकर मंगवाना शुरू किया। स्थानीय लोगों से पानी मंगाना शुरू किया। इसके अलावा लोगों को शांत किया, ताकि लोगों में दहशत कम हो। टैंकर आने और लोगों के पानी लाने पर आग पर कुछ हद तक काबू पाया गया। जवान पंकज ने स्थानीय पानी के टैंकरों की सहायता से पार्किंग क्षेत्र में और उसके आसपास पानी का छिड़काव किया, जिससे आग बुझाने में काफी मदद मिली। उन्होंने आग की लपटों के बीच फंसे 3 वर्षीय बच्चे को भी बचाया। आखिरकार, आग पर काबू पा लिया गया और दमकल की गाडिय़ों की मदद से स्थिति को नियंत्रण में ले आया गया।

2. हवलदार गोगराज
हवलदार गोगराज ने अपने सिर व चेहरा पर कपड़ा बांधा और वह बहादुरी से इमारत की ऊपरी मंजिल पर सीढिय़ों से चढ़ गए फंसे हुए लोगों को बचाया। अपनी जान जोखिम में डालकर उन्होंने एक महिला और उसकी 8 दिन की बेटी समेत कई लोगों को इमारत से सुरक्षित बाहर निकाल लाए।

3. हवलदार नीरज
हवलदार नीरज पार्किंग में पहुंचे। उन्होंने पार्किंग क्षेत्र में खड़ी कारों की खिड़कियां तोड़ दीं। सभी गाडिय़ों के हैंडब्रेक हटा दिए और दो वाहनों को जलती हुई कार से दूर ले जाकर आग को और फैलने से रोक दिया था।

नहीं हुआ जान-मान का नुकसान
तीनों पुलिस जवानों की त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय के कारण कोई जनहानि नहीं हुई। आग पार्किंग क्षेत्र में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। इमारत में कुल 4 मंजिलें हैं, प्रत्येक मंजिल पर 06 कमरे हैं।
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बचाए गए लोग
मात्र 8 दिन की बच्ची,3 साल का लड़का, 32-34 साल की दो महिलाएं और 34 साल का एक पुरुष।
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