पुलिसकर्मियों ने प्रदीप को छोड़ने की एवज में डेढ़ करोड़ रुपये मांगे। सौदा एक करोड़ रुपये में तय हो गया। प्रदीप की पत्नी नेहा प्रधान ने रविवार को पुलिसकर्मियों को 11 लाख रुपये की पहली किस्त दे भी दी। बाकी रुपये मंगलवार को देने की बात की गई। पुलिसकर्मियों ने बाकी रुपये देने के लिए नेहा को मौर्या एंक्लेव बुलाया। नेहा अपने दो जानकारों के साथ रुपये लेकर मौर्या एंक्लेव पहुंची, जहां नेहा ने अपने पति को दिखाने की बात की। इस पर दोनों की बात बिगड़ गई और नेहा ने पीसीआर कॉल कर दी।
मौके पर उत्तर-पश्चिम जिले की मौर्या एंक्लेव थाना पुलिस पहुंची। छानबीन के बाद तीनों पुलिसकर्मियों व सचिन को हिरासत में ले लिया गया। नेहा के बयान पर जबरन वसूली और अपहरण का मामला दर्ज कर लिया गया।
इधर, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। वहीं प्रदीप को उत्तम नगर स्थित सचिन के मकान से मुक्त करा लिया गया। सचिन पुलिस का मुखबिर है। इसी की सूचना पर पुलिसकर्मियों ने प्रदीप को उठाया था। सूत्रों का कहना है कि उसे दो दिन तक रणहौला थाने में भी रखा गया था। इस मामले में रणहौला थाने की भूमिका के जांच के आदेश दे दिए गए।
फिलहाल जांच होने तक उनको लाइन में भेज दिया गया। बाहरी जिले में एक डीसीपी स्तर के अधिकारी को रणहौला थाने के पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच करने के लिए कहा गया है। वहीं पुलिस इस बात का भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस की तो कोई भूमिका नहीं है।