मेवात से सटे भरतपुर के गांव हिंगोटा में दो बदमाशों को पकड़ने गई दिल्ली पुलिस की टीम पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। इस दौरान गांव वालों ने सरबल नामक बदमाश को पुलिस से छुड़ा लिया। बुधवार को चाणक्यपुरी थाने के आठ पुलिसकर्मी ओएलएक्स के जरिए ठगी करने वाले गिरोह के दो बदमाशों को पकड़ने थाना खो अंतर्गत गांव हिंगोटा गए थे। हमले में कुछ पुलिसवाले घायल हो गए।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस टीम तीन गाड़ियों में सरबल व आफिर को गिरफ्तार करने गई थी। तभी कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया और बड़े-बड़े पत्थर लगाकर गांव से बाहर निकलने के सारे रास्ते बंद कर दिए। पुलिसकर्मियों पर पथराव भी करने लगे। उनमें कुछ महिलाएं भी थीं। खुद को घिरा देख पुलिसकर्मियों ने वरिष्ठ अफसरों को सूचना दी।
राजस्थान प्रशासन के अधिकारियों को फोन करने के बाद स्थानीय पुलिस फोर्स पहुंच गई, जिसके बाद ही दिल्ली पुलिस के जवान गांव से निकल सके। पुलिस ने खो थाने में 24 से ज्यादा लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।
चाणक्यपुरी पुलिस ने एक जालसाज को गिरफ्तार कर मेजर व अफसर बनकर ओएलएक्स के जरिए ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। पुलिस के मुताबिक, ओएलएक्स पर स्कूटी का विज्ञापन देखकर घनश्याम ने दिए गए नंबर पर बात की। संजय नामक युवक ने फोन उठाया और खुद को सीआईएसएफ का सब-इंस्पेक्टर बताया। स्कूटी का सौदा तय हो गया।
घनश्याम ने संजय के खाते में 34 हजार रुपये जमा करा दिए। जब उसे ठगी का एहसास हुआ तो मामला दर्ज करा दिया। पुलिस ने जांच के बाद नूंह के पैमाखेड़ा निवासी इरफान को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ के बाद ही पुलिस दोनों बदमाशों को पकड़ने हिंगोटा गई थी।