दिल्ली में कोरोना वायरस (फाइल फोटो)
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दिल्ली में गुरुवार को कोरोना वायरस के 1093 नए मामले सामने आए हैं। जबकि 29 लोगों की मौत हुई है। इसी के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 1,34,403 हो गई है। दिल्ली में गुरुवार को 1091 मरीज को डिस्चार्ज किया गया है। राजधानी में अब तक कुल 1,19,724 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। कोरोना वायरस से अब तक दिल्ली में 3936 लोगों की मौत हो चुकी है। राजधानी में अभी कुल 10743 सक्रिय मामले हैं।
दिल्ली सरकार ने जानकारी दी है कि गुरुवार को राजधानी में 5531 आरटी-पीसीआर जांच और 13944 रैपिड एंटीजन जांच की गई हैं। राजधानी में अब तक कोरोना वायरस की कुल 10,13,694 जांच की गई हैं। दिल्ली में अभी कंटेनमेंट जोन की कुल संख्या 694 है।
दिल्ली के तीन बड़े अस्पतालों में अब कोई भी करा सकेगा एंटीजन जांच
राजधानी के राम मनोहर लोहिया अस्पताल, लेडी हार्डिंग और सफदरजंग अस्पताल में अब कोई भी एंटीजन जांच करा सकेगा। सके लिए किसी डॉक्टरी पर्चे की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए नया केंद्र तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा दिल्ली सरकार के लेडी हॉर्डिंग और सफदरजंग में भी सभी मरीजों और उनके तीमारदारों की एंटीजन जांच होगी। आरटी-पीसीआर जांच कराने के लिए अब कम मरीज ही अस्पताल आते हैं। इसे देखते हुए इन अस्पतालों ने यह निर्णय लिया है।
राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कम्युनिटी मेडिसिन के डॉक्टर मनीष प्रभाकर के मुताबिक, दिल्ली में रैपिड एंटीजन जांच की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। इससे आरटीपीसीआर जांच लगभग आधी रह गई हैं। आरटी-पीसीआर जांच के परिणाम आने में तीन से चार दिन लगते हैं। एंटीजन किट से आधे घंटे में जांच रिपोर्ट मिल जाती है। लिहाजा, अधिकतर लोग एंटीजन जांच को महत्व दे रहे हैं। लोग यह जानते हैं कि वे कोरोना की जांच करा रहे हैं। उन्हें यह नहीं पता होता कि कोरोना की कौन सी जांच सही है और कौन सी सिर्फ स्क्रीनिंग के मकसद से हो रही है।