सुनंदा पुष्कर की मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए भारत और अमेरिका के फोरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट आ गई है, लेकिन अभी भी मौत कैसे हुई इस राज का पर्दा नहीं उठ सका है।
एफबीआई की रिपोर्ट के बाद अब एम्स मेडिकल बोर्ड ने भी अपनी अंतिम रिपोर्ट इस सप्ताह दिल्ली पुलिस को सौंप दी है। मेडिकल रिपोर्ट में स्पष्ट है कि सुनंदा की मौत जहर से हुई थी।
बोर्ड ने इस बात से भी इनकार नहीं किया कि सुनंदा के शरीर में जहर इंजेक्ट किया गया था। दिल्ली पुलिस का कहना है कि अब इस बात की जांच की जाएगी कि सुनंदा को जहर कैसे दिया गया।
सुनंदा की मौत अल्प्राजोलम जहर की वजह से
एम्स फोरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता, एडिशनल प्रोफेसर डॉ. आदर्श कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.अभिषेक यादव और सदस्य डॉ. शशांक पुनिया की टीम ने दिल्ली पुलिस को रिपोर्ट सौंप दी है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सुनंदा की मौत अल्प्राजोलम जहर की वजह से हुई है। बोर्ड ने कहा कि जहर मुंह से या इंजेक्शन के सहारे सुनंदा के शरीर में पहुंचाया गया है।
एफबीआई ने रिपोर्ट में कहा है कि पुलिस ने जो नमूने भेजे थे उसकी क्वालिटी उतनी अच्छी नहीं रह गई थी, इस वजह से भी दिक्कत हुई।
सुनंदा के शरीर में चोट के कई निशान मिले थे
बोर्ड ने कहा कि पुलिस ने विसरा के नमूने को सही तरीके से नहीं रखा और काफी खराब क्वालिटी के नमूने जांच के लिए अमेरिका की एफबीआई को भेजे गए। बोर्ड ने यह भी कहा कि पुलिस ने नमूनों को भेजने में काफी देरी कर दी थी।
सुनंदा के शरीर में चोट के कई निशान मिले थे, जिसमें कुछ निशान ऐसे थे जो दो लोगों के बीच झगड़े में होता है। एक घाव ऐसा था जो दांत काटने की वजह से हुआ था लेकिन इन परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की जांच अभी तक पुलिस की ओर से सही तरीके से नहीं की गई।
सुनंदा की मौत के बाद सुनंदा के पुराने डॉक्टर के ई-मेल का भी जिक्र किया गया है। ई-मेल का जिक्र करते हुए कहा गया है कि ई-मेल में जिन बीमारियों का जिक्र किया गया है उसका सुनंदा की मौत से कोई लेना-देना नहीं है। ई-मेल जांच को भटका सकता है।