नई दिल्ली के कालकाजी थाना पुलिस ने कुछ दिन पहले जूते चोरी होने की एफआईआर दर्जकर मीडिया की सुर्खियां बटोरीं थीं। एक बार दिल्ली पुलिस ने फिर ऐसा ही किया है।
गुल्लक चोरी होने की एफआईआर दर्जकर अब हौजखास थाना पुलिस सुर्खियों में है। हौजखास थाना पुलिस ने ही एक और ऐसी ही मोबाइल चोरी होने की एफआईआर दर्ज की है, जिसमें शिकायतकर्ता थाने नहीं पहुंचा था और न ही उसने शिकायत दी।
शिकायतकर्ता ने 100 नंबर पर ही पुलिस को सूचना दी थी। बाद में शिकायतकर्ता का शिकायत दर्ज कराने का मन बदल गया था।
एक साल से गुल्लक में पैसे कर रही थी जमा
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मुकेश देवी एम्स में स्टाफ नर्स हैं और वह गौतम नगर में पेईंग गेस्ट के रूप में रहती हैं।
मुकेश देवी ने हौजखास थाना पुलिस को 19 मई को दी शिकायत में बताया कि उसने घर में रखी अलमारी में एक गुल्लक रखी थी। वह इसमें एक वर्ष से पैसे जमा कर रही थी।
दो दिन पहले उसने घर में गुल्लक को ढूंढा, मगर गुल्लक कहीं नहीं मिली। कोई अनजान व्यक्ति उसकी गुल्लक को चुराकर ले गया है। शिकायत मिलने के बाद हौजखास थाना पुलिस ने चोरी की धारा में मामला दर्जकर गुल्लक की तलाश शुरू कर दी।
पहले भी हौजखास थाना कर चुका है कारनामा
हौजखास थाना पुलिस ने दूसरी एफआईआर दर्जकर भी चर्चा बटोरी है। एम्स क्रेन वाली पार्किंग मस्जिद मोठ से मोबाइल चोरी होने की सूचना 15 मई को हौजखास थाना पुलिस को मिली थी। इमरजेंसी अफसर एसआई भरतलाल मौके पर पहुंचे। जहां पर शिकायतकर्ता नरेला निवासी प्रदीप मिला।
शिकायतकर्ता ने एसआई भरत लाल से कहा कि वह थोड़ी देर में आकर थाने में शिकायत देगा। शिकायतकर्ता से कई बार और कई दिन संपर्क किया गया, मगर वह थाने में पेश नहीं हुआ।
इस पर एसआई ने भरतलाल की शिकायत पर प्रदीप के मोबाइल चोरी की एफआईआर दर्ज की गई। एक समय था जब दिल्ली पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के लिए जूते घिस जाते थे और लोगों को एप्रोच लगानी पड़ती थी।