महिला पुलिसकर्मी ने निभाई अहम भूमिका
पुलिस ने आरोप पत्र में महिला के स्वास्थ्य का भी उल्लेख किया और बताया कि कैसे एक महिला कांस्टेबल ने एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में उसकी देखभाल की। वहीं एक ओड़िया अनुवादक ने नर्स के रूप में महिला का विश्वास जीता। जब उससे घटना में शामिल पुरुषों की संख्या के बारे में पूछा गया, तो महिला ने अपनी उंगलियां उठाकर तीन का इशारा किया। फिर उसने महिला कांस्टेबल और ओड़िया अनुवादक को और जानकारी देते हुए बताया कि उनमें से एक व्यक्ति विकलांग था और उन्होंने आटो रिक्शा का इस्तेमाल किया था।
पुलिस ने खंगाले 700 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरा
इसमें 700 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण भी शामिल है। पीड़िता को 10 अक्टूबर को सुबह 10.14 बजे पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के वेटिंग हाल से सीसीटीवी फुटेज के जरिए बाहर निकलते हुए पाया गया, जो घटना में अहम सुराग था। पुलिस ने कश्मीरी गेट, लाल किला, दरियागंज, महात्मा गांधी मार्ग (राजघाट-शांतिवन), राजघाट डिपो बाईपास, आइटीओ चौक, मथुरा रोड, पीडब्ल्यूडी मुख्यालय, आईटीओ, डीटीसी मुख्यालय, इंद्रप्रस्थ डिपो और आईटीओ और सराय काले खां के बीच पेट्रोल और सीएनजी पंपों सहित विभिन्न स्थानों पर लगे कैमरों से फुटेज का विश्लेषण किया।