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400 पन्नों में दरिंदगी की कहानी: दिल्ली पुलिस ने पेश किया आरोप पत्र, निर्भया कांड जैसी हुई थी बर्बरता

Wed, 08 Jan 2025 07:05 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में ओडिशा की 34 वर्षीय युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस ने साकेत कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। आरोप पत्र में पीड़िता ने अनुवादक मिलने के बाद अपने साथ हुई दरिंदगी की कहानी पुलिस से साझा की थी।
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सामूहिक दुष्कर्म मामले में साकेत कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धौला कुआं इलाके में ओडिशा की युवती के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस ने साकेत कोर्ट में 400 से अधिक पन्ने का आरोप पत्र दाखिल किया है। सूत्रों के अनुसार आरोप पत्र में पीड़िता ने अनुवादक मिलने के बाद अपने साथ हुई दरिंदगी की कहानी पुलिस से साझा की। मामले में 32 लोगों को गवाह बनाया है, जिनमें 20 पुलिसकर्मी हैं। आरोपपत्र में प्रमोद बाबू, दिव्यांग भिखारी मोहम्मद शमशुल और आटो चालक प्रभु महतो को आरोपी के तौर पर शामिल किया गया है। तीनों पर सामूहिक बलात्कार और जानबूझकर चोट पहुंचाने से संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

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कबाड़ की दुकान पर काम करने वाले प्रमोद बाबू और उसके दिव्यांग भिखारी दोस्त मोहम्मद शमशुल ने युवती के यौन उत्पीड़न की साजिश रची थी।दोनों पहले उसे आइटीओ मेट्रो स्टेशन के पास एक सुनसान इलाके में ले गए और दुष्कर्म करने लगा। इसी बीच आटो चालक प्रभु महतो ने घटना को देखा। युवती को बचाने की बजाय वह भी प्रमोद और शमशुल के साथ सामूहिक दुष्कर्म में शामिल हो गया। 

इससे भी उसका मन नहीं भरा तो उसके बाद लड़की को जबरन अपने आटो में बैठाया और फिर से उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने बताया कि आरोपित प्रमोद और शमसुल एक दूसरे को जानते थे जबकि तीसरा आरोपी आटोरिक्शा चालक दोनों से अपरिचित था। आटो चालक प्रभु ने बेसुध हालत में पीड़िता को सराय काले खां के पास फेंक दिया और भाग निकला। संयोग से उधर से गुजर रहे एक विंग कमांडर ने सराय काले खां में महिला को देखा और तुरंत पुलिस को सूचित किया।

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महिला पुलिसकर्मी ने निभाई अहम भूमिका
पुलिस ने आरोप पत्र में महिला के स्वास्थ्य का भी उल्लेख किया और बताया कि कैसे एक महिला कांस्टेबल ने एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में उसकी देखभाल की। वहीं एक ओड़िया अनुवादक ने नर्स के रूप में महिला का विश्वास जीता। जब उससे घटना में शामिल पुरुषों की संख्या के बारे में पूछा गया, तो महिला ने अपनी उंगलियां उठाकर तीन का इशारा किया। फिर उसने महिला कांस्टेबल और ओड़िया अनुवादक को और जानकारी देते हुए बताया कि उनमें से एक व्यक्ति विकलांग था और उन्होंने आटो रिक्शा का इस्तेमाल किया था।
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पुलिस ने खंगाले 700 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरा
इसमें 700 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण भी शामिल है। पीड़िता को 10 अक्टूबर को सुबह 10.14 बजे पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के वेटिंग हाल से सीसीटीवी फुटेज के जरिए बाहर निकलते हुए पाया गया, जो घटना में अहम सुराग था। पुलिस ने कश्मीरी गेट, लाल किला, दरियागंज, महात्मा गांधी मार्ग (राजघाट-शांतिवन), राजघाट डिपो बाईपास, आइटीओ चौक, मथुरा रोड, पीडब्ल्यूडी मुख्यालय, आईटीओ, डीटीसी मुख्यालय, इंद्रप्रस्थ डिपो और आईटीओ और सराय काले खां के बीच पेट्रोल और सीएनजी पंपों सहित विभिन्न स्थानों पर लगे कैमरों से फुटेज का विश्लेषण किया।
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