जोगिंदर ने पूछताछ के दौरान बताया कि मिस्त्री का काम करते हुए उसकी पीड़ित के पिता से जान-पहचान हो गई थी जो नांगलोई में ही रहते थे और खुद भी मजदूर थे। धीरे-धीरे आरोपी पीड़िता से बात करने लगा और नौकरी दिलाने की बात कहने लगा। इसी तरह एक दिन वह पीड़िता को अपने गांव ले गया और शादी की बात कहकर उसके साथ अवैध संबंध बनाए। उस वक्त पीड़िता 13 साल की थी।
आरोपी ने पीड़िता को शादी और पैसों जैसे बड़े-बड़े लालच दिए। तीन चार दिन बाद जब स्थानीय पुलिस की दबिश बढ़ने लगी तो जोगिंदर ने पीड़िता को अंजाम भुगतने की धमकी देकर उसे आनंद विहार बस स्टेशन पर छोड़ दिया। इसके बाद दोनों ने अपने किसी भी रिश्तेदार से मिलना-जुलना छोड़ दिया और अपना ठिकाना लगातार बदलते रहे। हालांकि पुलिस ने उन्हें 15 साल बाद गिरफ्तार कर लिया।