दिल्ली के मंडावली इलाके में शुक्रवार रात दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल रामजी लाल (50) ने मकान की पांचवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। परिजनों का कहना है कि कुछ समय पूर्व रामजी लाल को आनंद विहार थाने से डिस्ट्रिक्ट लाइन में भेजा गया था।
परिवार का आरोप है कि तभी से वह परेशान था। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रविवार को रामजी की पत्नी के बिहार से आने के बाद उसका पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
मंडावली थाना पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। पूर्वी जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मामले पर कुछ भी बोलने को तैयार हैं।
जानकारी के अनुसार मूलरूप से सिवान, बिहार का रहने वाला रामजी लाल परिवार के साथ गली नंबर-8, मंडावली स्थित एक बिल्डिंग में पांचवीं मंजिल पर रहता था। इसके परिवार में पत्नी दुर्गावती देवी, दो बेटे मनीष, मुकेश व चार बेटी हैं।
पिछले कुछ दिनों से रामजी लाल की पत्नी छोटे बेटे मुकेश को लेकर गांव गई हुई थी। घर के बाकी सदस्य दिल्ली में ही मौजूद थे। शुक्रवार रात करीब 10.00 बजे वहघर पहुंचा। बच्चों के सोने के बाद वह छत पर चला गया। वहां उसने पांचवीं मंजिल से नीचे छलांग लगा दी।
रामजी लाल पड़ोसी उमेश गुप्ता के मकान की पहली मंजिल पर आकर गिरा। गिरने की तेज आवाज होने से सभी को वारदात का पता चला। मनीष निजी वाहन से अपने पिता को देर रात लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने रामजी लाल के शव को कब्जे में लेकर एलबीएस की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। इधर मनीष ने आरोप लगाया कि उसके पिता पिछले कुछ दिनों से ड्यूटी को लेकर परेशान चल रहे थे। मामले पर पूर्वी जिला को कोई भी वरिष्ठ अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।