हाईकोर्ट ने उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में एक आरोपी की जमानत बृहस्पतिवार को खारिज कर दी। यह आरोपी उस भीड़ में था जिसने एक युवक अजय को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। हाईकोर्ट ने गवाहों के बयानों के मद्देनजर आरोपी की जमानत याचिका खारिज की है। इस मामले में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन भी आरोपी है।
न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपी तनवीर मलिक ऐसे ही दो अन्य मामलों में आरोपी है और उसे दयालपुर थाने में दर्ज एक मामले में 30 मई 2020 को जमानत मिल गई थी। उस आदेश पर गौर करने के बाद इस मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज की जाती है।
दंगा आरोपी तनवीर ने अधिवक्ता हिमाल अख्तर के जरिये याचिका दायर कर दंगा, हत्या की कोशिश, अपराधिक साजिश से जुड़े मामले में जमानत देने का आग्रह किया था।
जमानत याचिका का विरोध करते हुए विशेष अधिवक्ता अमित प्रसाद ने कहा कि पीडि़त अजय के बयान के अनुसार उस पर २५ फरवरी की शाम चार बजे उस समय हमला हुआ था जब वह घर का सामान खरीदने बाहर निकला था। वह जब चांद बाग में लखपत स्कूल के पास पहुंचा तो उसने देखा कि पूरे इलाके में दंगा फैल चुका था।
विशेष अधिवक्ता ने कहा कि जब अजय ताहिर हुसैन के घर के पास पहुंचा तो उसने दंगाई उसके घर की छत पर थे। वहां से यह लोग पत्थरबाजी और गोलीबारी करने के साथ ही पेट्रोल बम फेंक रहे थे। यह लोग धार्मिक नारे भी लगा रहे थे। कुछ लड़कों ने उसे देखने के बाद उस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए और एक लड़के ने उस पर पिस्तौल जैसे हथियार से गोली चलाई जो उसके दायें कंधे में लगी।
कोर्ट ने अजय के दो मार्च 2020 के बयान से सहमति जताते हुए कहा कि ताहिर हुसैन के घर की छत से दंगाई धार्मिक नारे लगा रहे थे। उसने गोली चलाने वाले लड़के गुलफाम तथा अन्य कई लड़कों को भी पहचाना था।