गाजियाबाद के रहने वाले शख्स से हुई दिल्ली में झपटमारी
पुलिस को 27 अप्रैल को विवेक विहार में ईएसआई अस्पताल के पास झपटमारी की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस को शिकायतकर्ता सुनील जैन ने बताया कि वह गाजियाबाद के रामपुरी में रहते हैं और अपनी मां के साथ विवेक विहार के गोल्डन बैंक्वेट हॉल में आयोजित एक समारोह में शामिल होने के लिए आए थे। लौटने के दौरान बाइक सवार बदमाशों ने उनकी मां के गले से सोने की चेन झपट ली। पुलिस मामले की छानबीन शुरू की।
दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की
इसी दौरान विवेक विहार और आनंद विहार में दो और वारदातों की सूचना मिली। जिले के स्पेशल स्टॉफ टीम ने मामले की जांच की जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से लेकर करीब 12 किलोमीटर तक लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच की। इस दौरान पुलिस ने विशाल की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसके साथी सागर को पकड़ लिया।
पूछताछ में छपटमारों ने किया गैंग का खुलासा
पूछताछ में उन्होंने बताया कि झपटमारी के बाद मोबाइल फोन को वेलकम निवासी मुजम्मील और चेन रोहताश नगर निवासी शुभम को बेचते हैं। इस सूचना के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मुजम्मील के पास से 41 मोबाइल फोन मिले। जबकि शुभम के पास से दो चेन बरामद हुईं। मुजम्मील ने बताया कि वह हर महीने झपटमारी के करीब 600 मोबाइल खरीदता-बेचता है। वह झपटमारों से फोन खरीदने के बाद उसे मेरठ भेजता देता था। यहां मोबाइल का आईएमईआई नंबर बदलवा देता था या फिर उसके कलपुर्जे खोल कर उसे दिल्ली में ही बेच देता था। जिस मोबाइल का आईएमईआई नंबर नहीं बदलता था, उसे बिहार में अपने दोस्तों को भेज देता था। जहां से फोन को नेपाल में बेच दिया जाता था।