दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दफाश किया है जो लग्जरी कारों पर हाथ साफ करते थे। इन्होंने अब तक 300 से ज्यादा लग्जरी कारों की चोरी की है। पुलिस ने वाहन चोर और रिसीवर को गिरफ्तार कर लिया है।
दक्षिण-पूर्व जिले के वाहन चोरी निरोधक दस्ते (एएटीएस) ने लग्जरी कारें चुराने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर वाहन चोर और रिसीवर को गिरफ्तार किया है। गिरोह के बदमाश 300 से ज्यादा लग्जरी कारों की चोरी कर चुके हैं। पकड़े गए आरोपी की पहचान मेरठ निवासी मुस्तकीम और तमिलनाडु निवासी रिसीवर गिलान के रूप में हुई है।
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पुलिस ने गिरोह के पास से दो हाईसिक्योरिटी नंबर प्लेट समत चार लग्जरी कारें बरामद की हैं। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से वाहन चोरी के पांच मामलों को सुलझाने का दावा किया है। गिरोह के बदमाश दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम व गाजियाबाद से लग्जरी कारें चुराते थे।
डीसीपी ईशा पांडेय के अनुसार जिले में वाहन चोरी बढ़ती वारदात को देखते हुए एएटीएस प्रभारी राजेंद्र सिंह डागर की देखरेख में टीम ने जांच शुरू की थी। इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह डागर की टीम को 7 जून को सूचना मिली थी कि दो वाहन चोर गुजरात राज्य की एक चोरी की हुंडई क्रेटा कार से मथुरा रोड साइड से रोड नंबर -13 के रास्ते नोएडा जाएंगे। पुलिस टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। मुस्तकीम करीब 10 वर्ष से ज्यादा समय ये वाहन चोरी कर रहा है। वह मेरठ में स्क्रैप डीलर था। स्क्रैप का काम बंद होने के कारण वह वाहन चोरी करने लगा। वह सड़क दुर्घटना की टोटल कंडम कार को खरीदता था।
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उसकी नंबर प्लेट लगाकर चोरी में लगाकर उसे तमिलनाडु भेज देते थे। पैड मशीन से चुराते थे पुश बटन स्टार्ट वाली कारें आरोपी सिर्फ पुश बटन से स्टार्ट होने वाली कारें ही चुराते थे। वह पैड मशीन की मदद से वारदात करते थे। आरोपी पुश मशीन से कार का व्हीकल आईडेंटिफिकेशन नंबर (विन) स्कैन कर लेते थे। इसके बाद कार की पूरा सिस्टम स्कैन हो जाता था। सिस्टम स्कैन होते ही कार की दरवाजा खुल जाता था। आरोपी आसानी से कार को चुराकर ले जाते थे।