दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार सुबह हरियाणा कैडर के एक आईएएस अफसर समेत गैंगस्टर शौकत पाशा और दो शूटरों को गिरफ्तार किया गया है।
इस गिरफ्तारी अभियान में शामिल रहे ज्वाइंट सीपी क्राइम ने बताया कि हरियाणा कैडर के आईएएस अफसर संजीव कुमार ने गिरफ्तार गैंगस्टर और दोनों शूटरों के साथ मिलकर अपने दोस्त को मारने का षडयंत्र रचा था।
गौरतलब है कि जिस व्यक्ति की मौत की साजिश आईएएस अफसर और उसके दोस्तों ने मिलकर रची थी वह दिल्ली का एक बिजनेसमैन व संजीव का मित्र है।
शिक्षक भर्ती मामले में चौटाला परिवार संग पाया गया दोषी
दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया अफसर संजीव कुमार हरियाणा कैडर के 1985 बैच का अधिकारी है। उसके साथ गैंगस्टर शौकत पाशा और शूटर तौफीक व मन्ना को हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया।
संजीव कुमार पहले भी हरियाणा के शिक्षक भर्ती (जेबीटी घोटाला) मामले में दिल्ली कोर्ट की तरफ से दोषी पाए गए हैं। यह वही मामला है जिसमें हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश सिंह चौटाला और उनका विधायक बेटा अजय चौटाला व 53 अन्य लोग तिहाड़ में सजा काट रहे हैं।
संजीव कुमार उस वक्त हरियाणा के डायरेक्टर ऑफ प्राइमरी एजुकेशन थे और अदालत ने उनके बयान को ही मानकर अपना फैसला सुनाया था। शुरूआत में इस मामले में तो संजीव विसलब्लोअर की भूमिका में थे लेकिन सीबीआई जांच के बाद वो भी शिक्षक भर्ती घोटाले में लिप्त पाए गए।
तिहाड़ में ही रचा था सारा षड्यंत्र
एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि संजीव कुमार को अपने एक नजदीकी मित्र व बिजनेस पार्टनर हसन टिक्का की हत्या की साजिश रचने के लिए गिरफ्तार किया गया है।
बता दें कि संजीव कुमार की दिल्ली की संपत्ति की देखरेख उनकी गैरहाजिरी में न्यूफ्रेंड्स कॉलोनी में रहने वाला उनका दोस्त हसन टिक्का ही करता था। बाद में उसने संजीव की संपत्ति को अपने कब्जे में ले लिया।
हसन टिक्का की हत्या का प्लान संजीव ने तिहाड़ में तभी बनाया था जब वो चौटाला पिता-पुत्र के साथ शिक्षक भर्ती मामले में सजा काट रहे थे।
चौटाला परिवार को फंसाने के लिए रची थी साजिश
पुलिस के अनुसार संजीव गैंगस्टर शौकत से तिहाड़ में ही मिले थे और सारी साजिश रची थी। पुलिस ने बताया कि इस साजिश से संजीव एक साथ कई निशाने साधना चाहते थे।
वह चाहते थे कि हसन टिक्का जिसके साथ उसका संपत्ति विवाद चल रहा है उसे रास्ते से हटा दिया जाए। साथ ही खुद को भी घायल करवा कर बेल की अवधि बढाना चाहता था।
और जो सबसे महत्वपूर्ण बात थी वो ये कि इस पूरे षड्यंत्र के लिए यानि खुद पर और अपने दोस्त पर अटैक के लिए चौटाला परिवार को इस हत्या की साजिश में फंसाना चाहते थे।