इनके खिलाफ मयूर विहार निवासी प्रत्यक्ष राणा ने शिकायत दर्ज कराई थी। प्रत्यक्ष राणा ने अपनी शिकायत में कहा था कि आरोपियों ने व्यवसाय में निवेश कराने के बदले अच्छा रिर्टन देने का वादा किया था। झांसे में आकर पीड़ित ने करीब 25 लाख रुपये निवेश कर दिए थे। रकम लेने के बाद आरोपी अंडरग्राउंड हो गए। इस मामले में कोर्ट ने इनको भगोड़ा घोषित कर दिया था।
आरोपी मंजूनाथ किए हुआ है एमबीए
मंजूनाथ ने बीबीएम करने के बाद गुप्ता कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट बैंगलुरू कर्नाटक से एमबीए किया। डिग्री लेने के बाद आरोपी ने प्राइवेट कंपनी में नौकरी करना शुरू की। वह थिरुमलेश नामक एक व्यक्ति के संपर्क में आया। इससे मिलने के बाद उसने ट्रेडिंग का काम शुरू किया। उससे जानकारी लेने के बाद आरोपी ने दोस्त के साथ एक प्राइवेट फर्म खोली। उसने निवेश के नाम पर लोगों को मोटा मुनाफा देने के बहाने ठगना शुरू किया।
आरोपी अलग-अलग होटल में ठहर कर गुजार रहे थे दिन
पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने एक अन्य कंपनी भी खोल ली थी। इसके बाद इसने सोशल मीडिया पर ऑनलाइन प्रमोशन और मार्केटिंग के लिए एक टीम हायर कर ली। यहां लोगों को कंपनी में निवेश की गई रकम के बदले हर महीने अच्छा ब्याज मिलने का झांसा दिया जाता था। आरोपियों के खिलाफ बेंगलुरू में तीन केस दर्ज हैं। इनमें मंजूनाथ व थिरुमलेश वर्ष 2020 में गिरफ्तार किया गया था, मगर ये 20 दिन में ही जेल से बाहर आ गए। आरोपी पिछले सात-आठ महीनों से अलग-अलग होटल में ठहरकर दिन गुजार रहे थे। अमीन शरीफ मंजूनाथ का कर्मचारी था। वह 12वीं पास है और उसे प्रतिमाह 25 हजार रुपये सैलरी मिलती थी। वह मंजूनाथ के ऑफिस को संभालता था।