दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 90 करोड़ के मादक पदार्थों की तस्करी में फरार चल रहे एक आरोपी को पटना (बिहार) से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान सिद्धार्थ गांधी के रूप में हुई है। वर्ष 2019 के एक मामले में पुलिस को आरोपी की तलाश थी। अदालत ने भी आरोपी को भगोड़ा घोषित कर दिया था। पुलिस मामले में पहले ही छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। एक अन्य आरोपी की पुलिस को अभी भी तलाश है।
सिद्धार्थ से पूछताछ कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि सिद्धार्थ के पिता का दवाईयों का बड़ा कारोबार था। दवाईयों का धंधा करते हुए सिद्धार्थ कुछ गलत लोगों की संगत में पड़ गया और इसने नशीली दवाईयों व मादक पदार्थों का धंधा शुरू कर दिया।
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि 15 जनवरी को पुलिस ने दिल्ली से लोकेश मेहता और सुनील कुमार को मादक पदार्थों के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने सतीश साहू, नीरज अरोड़ा उर्फ सोनल और राजेश दत्ता को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से करीब 90 करोड़ का मादक पदार्थ मिला।
अदालत ने विशाल सिंह फगना, सिद्धार्थ गांधी और अश्विनी कुमार रतन को भगोड़ा घोषित कर दिया। बाद में पुलिस ने मार्च 2022 में विशाल सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। सिद्धार्थ और अश्विनी फरार चल रहे थे। छानबीन के दौरान शुक्रवार पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी सिद्धार्थ पटना में छिपा है। एक टीम को वहां भेजकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में उसे ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया। अब उससे पूछताछ कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। बाकी फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।