घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी जिले के स्पेशल स्टाफ को सौंपी गई। निरीक्षक अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच के दौरान घटनास्थल और उसके आसपास के इलाके के 170 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की, जिसमें दिखे बदमाशों की कार की पहचान करने में जुट गई।
पुलिस ने सिरसपुर में उस कार की पहचान कर ली और दबिश देकर चारों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि बदमाशों को रुपयों की जरूरत थी, इसलिए लूटपाट को अंजाम दिया। रोबिन इलाके में कोल्ड ड्रिंक सप्लाई करने वाले वाहन का ड्राइवर था।
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वह जिंदल स्टोर पर भी कोल्ड ड्रिंक सप्लाई करता था। घूमने के दौरान वह रेकी कर गैंग के बदमाशों के साथ वारदात करता था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन बदमाशों ने इलाके में कई वारदात को अंजाम दिया है।
कैप और एक लाइट के जलने से हुई कार की पहचान
सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि वारदात में इस्तेमाल कार के पहिये में काला कैप लगा है और उसकी सिर्फ एक बैक लाइट जलती है। इसी आधार पर पुलिस आसपास के इलाकों में कार की पहचान करने में जुट गई। आखिरकार पुलिस को सिरसपुर में कार दिख गई। पुलिस ने उस पर कई दिन तक नजर रखी और पूरी तरह से आश्वस्त होने के बाद सभी बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में पता चला कि अंतरराष्ट्रीय पहलवान लक्ष्य गैंग को नैतिक समर्थन देता था। वह दावा करता था कि उसका जीजा वकील है और जीजा की पुलिस में काफी जान-पहचान है। अगर कोई कानूनी समस्या आएगी तो जीजा उसे संभाल लेगा।
लक्ष्य पांच साल से पहलवानी कर रहा था। वह लूट की रकम को अपने अखाड़े में लगाना चाहता था। वारदात में रोबिन इलाके की जानकारी मुहैया करवाता था, जबकि हरदीप वारदात के लिए वाहन का इंतजाम करता था। दिनेश गैंग का सरगना था।
रुपयों की जरूरत के लिए कर रहे थे वारदात
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दिनेश बेडशीट बेचता था। वह पानीपत से बेडशीट खरीदकर उसे दिल्ली में बेचता था। कुछ स्थानीय विक्रेता उसके रुपये लेकर भाग गए थे। पिछले एक साल से वह बेरोजगार था। उसे पत्नी का प्रसव कराने के लिए रुपयों की जरूरत थी, जिसमें उसने अपने भांजे रोबिन का सहयोग लिया।
लक्ष्य को भी अपने अखाड़े के लिए रुपयों की जरूरत थी। वहीं हरदीप हरिद्वार में अपने भाई की सड़क हादसे में मौत के बाद उसकी फैक्ट्री चला रहा था, लेकिन घाटा होने के बाद उसकी फैक्ट्री बंद हो गई। उसके बाद वह वारदात को अंजाम देने लगा। उस पर दिल्ली के प्रशांत विहार में वाहन चोरी का एक मामला दर्ज है। रोबिन उसके भाई की फैक्ट्री में काम करता था।