दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मध्य दिल्ली निवासी एक युवक ने अपराध शाखा के पास ठगी की शिकायत दी थी। पीड़ित युवक ने बताया कि लॉक डाउन से पूर्व उसका ड्राइक्लीनिंग का काम था। कोविड के बाद अब वह ड्राइक्लीन के लिए किसी बढ़िया केमिकल की तलाश कर उसे ऑनलाइन सप्लाई करने की योजना बना रहा था। इसके लिए वह ऑनलाइन सर्च कर रहा था। इसी दौरान उसे गूगल की मदद से फेमाकॉन का नंबर मिला। उससे बातचीत के बाद आरोपी ने युवक को एक ऐसे केमिकल के बारे में बताया जो एक नोट से तीन नोट बना सकता है। अपनी बात साबित करने के आरोपी ने पीड़ित से मुलाकात की। इसके बाद उसके सामने ही एक नोट से तीन नोट बनाकर भी दिए और वह नोट युवक को दे दिए।
युवक ने नोट चलाए तो वह चल गए। यहां तक बैंक में भी जमा हो गए। युवक ऐसे में आरोपी के जाल में फंस गया। आरोपी ने एक लाख रुपये में केमिकल की मदद से बनाए गए तीन लाख देने का वादा किया। पीड़ित आरोपी के पास पहुंचा तो उसने उसे नकली नोट थमा दिए। शक होने पर उसने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने युवक के दूसरे नंबर से फोन करवाकर आरोपी से 50 हजार के नोट की डिमांड और की। इसके बाद आरोपी को मध्य दिल्ली इलाके से डेढ़ लाख के नकली नोटों के साथ दबोच लिया गया। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।