2001 में की थी छेड़छाड़
आरोपी के खिलाफ वर्ष 2001 में मायापुरी थाने में छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया था। वर्ष जुलाई 2006 में अदालत ने आरोपी को भगोड़ा घोषित कर दिया। इसके बाद उसने कभी कोर्ट का रुख नहीं किया। आरोपी के खिलाफ मारपीट और छेड़छाड़ के तीन मामले दर्ज हैं। उत्तरी जिला पुलिस ने मायापुरी थाना पुलिस को इसकी गिरफ्तारी की सूचना दे दी है।
भगोड़े को पकड़ने के लिए बनाई टीम
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त मनोज कुमार मीना ने बताया कि एएटीएस के नेतृत्व में पीओ (भगोड़ों को पकड़ने वाली टीम) टीम पिछले काफी समय से आरोपी की जानकारी जुटाने में लगे थे। इस बीच उनकी टीम को खबर मिली कि आरोपी तीस हजारी कोर्ट के पास आने वाला है। खबर मिलने के बाद वहां ट्रैप लगा दिया गया।
आरोपी ने कबूला जुर्म
चार जनवरी को आरोपी को दबोच लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने वारदातों में अपना हाथ होने की बात स्वीकार कर ली। बबन गिरी ने बताया कि वह पिछले 17 सालों में कई मकान बदल चुका है। उसने अपना नाम और पता पूरी तरह बदल दिया था। आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।