दिल्ली पुलिस ने पहली बार सचिवालय सुरक्षा बल (एसएसएफ) के सिपाहियों के बैच को प्रशिक्षित कर उनके पासिंग आउट परेड का आयोजन किया। इसमें 349 सिपाहियों में 63 महिला सिपाही शामिल है। बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस अकादमी वजीराबाद परिसर में पासिंग आउट परेड में प्रशिक्षण पूरा करने वाले सिपाहियों ने शपथ ली। मुख्य अतिथि डॉ. ऋषि पाल (आईपीएस), निदेशक दिल्ली पुलिस अकादमी ने परेड की सलामी ली। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय, सचिवालय सुरक्षा बल और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
पुलिस अधिकारी ने बताया 63 महिला सिपाही समेत 349 सिपाही पास आउट हुए हैं। सभी अलग-अलग राज्यों के रहने वाले हैं। ज्यादातर सिपाही स्नातक और उच्च शैक्षणिक योग्यता प्राप्त हैं। सिपाहियों ने प्रशिक्षण के दौरान आईपीसी, सीआरपीसी, कंप्यूटर और साइबर अपराध, और मानव व्यवहार के ज्ञान के अलावा, एसएसएफ के संगठन और प्रशासन, अग्निशमन, प्राथमिक चिकित्सा, लिंग संवेदीकरण, योग पर व्याख्यान, तनाव प्रबंधन में प्रशिक्षित किया गया।
उनकी शारीरिक क्षमताओं के विकास के लिए उन्हें पीटी, परेड, अन-आर्म्ड कॉम्बैट, भीड़-नियंत्रण और आधुनिक हथियारों से फायरिंग और आतंकवाद विरोधी उपायों का प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें तलाशी लेने और मेटल डिटेक्टरों और बैगेज स्कैनर्स के उपयोग करने के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ साथ बुनियादी कर्तव्यों के लिए प्रशिक्षित किया गया। सिपाही पंकज ने पुरुष सिपाही में ऑल राउंड बेस्ट की ट्रॉफी प्राप्त की और महिला सिपाही पुष्पा को महिला सिपाहियों में ऑल राउंड बेस्ट की ट्रॉफी मिली।
मुख्य अतिथि ने सभी उत्तीर्ण प्रशिक्षुओं और पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने एसएसएफ जैसी सेवा में आधुनिक युग की चुनौतियों का सामना करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने का आह्वान किया। एसएसएफ नई दिल्ली में केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण इमारतों की रखवाली करता है। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के प्रति अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल दिया और उन्हें स्थापित कानूनों के अनुसार काम करने का आह्वान किया।
उन्होंने उनसे अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए विनम्र और दृढ़ रहने का आह्वान किया। उन्होंने निरीक्षक बृजवीर सिंह को एनएसजी के लिए उनके उत्कृष्ट और प्रशंसनीय प्रदर्शन के लिए महानिदेशक एनएसजी का सराहना मिलने पर भी खुशी व्यक्त की।