लोकसभा में हंगामे के बीच दिल्ली सेवा बिल को पास कर दिया गया। बिल पास होने के बाद विपक्ष के सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके साथ ही आम आदमी के इकलौते सांसद सुशील कुमार रिंकू को सत्ता पक्ष के सांसदों पर कागज फेंकने के कारण पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया है। उधर बिल पास होने के बाद कल तक के लिए सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया है। इधर बिल पास होने के बाद आप सांसद राघव चड्ढा ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि अडवाणी जी ने भी कहा था कि भारतीय जनता पार्टी का सपना है कि दिल्ली की अपनी सरकार हो और दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले। इसके लिए भाजपा ने 1977 से लेकर 2015 तक संघर्ष भी किया। लेकिन 2015 में भाजपा ने यह संघर्ष 40 साल के बाद खत्म कर दिया क्योंकि दिल्ली में भाजपा की बजाय अरविंद केजरीवाल की सरकार आ गई।
राघव चड्ढा ने कहा कि लोकसभा में बिल का पारित होना भारतीय लोकतंत्र के लिए एक काला क्षण है। कभी दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की समर्थक रही भाजपा ने लोगों और अपने ही नेताओं को धोखा दिया है। यह हमारे नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को कमज़ोर करता है। यह एक शर्मनाक कृत्य है, लोगों की इच्छा की अवहेलना और हमारे संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है।
दिल्ली सेवा बिल को लोकसभा में पास करने से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों के गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि अभी तक इन लोगों का कहना था कि पीएम आएंगे तो ही चर्चा होगी, लेकिन आज क्या हुआ। आज पीएम सदन में नहीं आए फिर भी ये चर्चा में शामिल हुए।