एम्स, सफदरजंग, डॉ. राम मनोहर लोहिया, लेडी हार्डिंग सहित दिल्ली के अन्य अस्पतालों में इलाज करवाने आ रहे मरीजों का इंतजार बढ़ेगा। दिसंबर माह की शुरुआत से अस्पतालों में शीतकालीन अवकाश शुरू हो गया है, यह जनवरी के अंत तक जारी रहेगा। ऐसे में इस दौरान अस्पतालों में आधे संकाय छुट्टी पर रहेंगे। इस दौरान अस्पतालों में ओपीडी, इमरजेंसी, सर्जरी, जांच सहित अन्य सभी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। कई मौके पर सर्जरी की तारीख भी दो माह के बाद की मिल रही है।
साहिबाबाद से एम्स के न्यूरोलाॅजी विभाग में अपनी बहन का इलाज करवाने आए मुकेश का कहना है कि उन्हें हर 15 दिन में बुलाया जाता है। लेकिन इस बार एक माह बाद आने को कहा गया है। उनका कहना है कि उनके डॉक्टर दिसंबर के दूसरे सप्ताह से छुट्टी पर चले जाएंगे और जनवरी में वापस आएंगे। ऐसे में अब 10 जनवरी के बाद ही ओपीडी में दिखाने को कहा गया है।
वहीं यूरोलॉजी विभाग में इलाज करवा रही मुक्ता का कहना है कि पिछले दो साल से उनके पेशाब की नली लगी हुई है। इस नली को निकलवाने के लिए सर्जरी करवानी है। पिछले ओपीडी में डॉक्टर के पास नहीं आ पाए। एक सप्ताह की देरी के कारण सर्जरी करवाने के लिए जनवरी के बाद की तारीख देने को कहा है। डॉक्टरों ने बताया है कि जनवरी तक केवल आपात स्थिति वाले मरीजों की सर्जरी होगी। सामान्य मरीजों को जनवरी के बाद में सुविधा दी जाएगी।
बता दें कि एम्स, सफदरजंग, डॉ. राम मनोहर लोहिया, लेडी हार्डिंग सहित अन्य अस्पतालों में रोजाना 50 हजार से अधिक मरीज ओपीडी में उपचार करवाने आते हैं। इसमें बड़ी संख्या में मरीजों को सर्जरी व अन्य जांच की जरूरत होती है। शीतकालीन अवकाश के दौरान इन सुविधाओं की गति आधी रह जाती है।
सर्जरी नहीं होगी प्रभावित
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के निदेशक डॉ. अजय शुक्ला ने बताया कि शीतकालीन अवकाश के दौरान सर्जरी प्रभावित नहीं होती। हालांकि सर्जरी में डॉक्टरों की संख्या कुछ कम हो जाती है। इस छुट्टी के दौरान संकाय की संख्या कम हो जाती है, जबकि रेजीडेंट डॉक्टर अपनी सेवाएं देते हैं। ऐसे में हमारा प्रयास रहता है कि सुविधाओं को प्रभावित न होने दें।