लंबी जद्दोजहद के बाद शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने नर्सरी दाखिले पर फैसला सुनाया। हाईकोर्ट के आदेशानुसार नये सत्र में स्कूल खुद अपनी गाइडलाइन तय करेंगे।
जबकि दिल्ली सरकार की ओर से लागू किए गए नेबरहुड फामूर्ले को कोर्ट नकार दिया। जिसे पिछले साल उपराज्यपाल नजीब जंग के नेतृत्व में बनया गया था। कोर्ट ने कहा कि सरकार को स्कलों के प्रवेश प्रक्रिया में दखल नहीं देनी चाहिए।
कोर्ट में गांगुली कमेटी ने नर्सरी एडमिशन मामले में एलजी की गाइडलाइंस को चुनौती दी थी। जिस पर सुनवाई करते हुए निजी स्कूलों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने दिल्ली में निजी व गैरवित्तीय सहायता प्राप्त स्कूलों को प्रवेश के लिए खुद फॉर्मूला तय कर करने की आजादी दे दी है।
आदेश के मुताबिक जब तक नर्सरी दाखिले पर कोई ठोस कानून नहीं बन जाता, तब तक सरकार किसी भी आदेश के तहत प्रवेश प्रक्रिया में दखलअंदाजी नहीं कर सकती। कोर्ट इस फैसले का प्रभाव आगामी शैक्षणिक वर्ष 2015-16 के दाखिलों पर पड़ सकता है।