नोएडा-दिल्ली जैसे शहरों की तर्ज पर जीडीए ने गाजियाबाद में ट्रैफिक दौड़ाने की प्लानिंग बनाई है। इसके लिए जीडीए देश की नामी कंसलटेंट फर्म अर्बन मास ट्रांडिट कंपनी लिमिटेड (यूएमटीसी) की मदद लेगा।
कंसलटेंट फर्म शहर के प्रमुख जाम प्वाइंट्स का सर्वे कर वहां की जरूरत के मुताबिक सुधार कार्य का सुझाव देगी। इसके आधार पर जीडीए विकास कार्य कराएगा।
अधिकारियों के मुताबिक अगले सप्ताह जीडीए वीसी के चुनावी ड्यूटी से वापस लौटने पर इस संबंध में बैठक होगी। तमाम विकास कार्यों और इंतजामों के बावजूद शहर की लगभग सभी सड़कों पर जाम का झाम आम बात है।
जाम से शहरवासियों के समय के साथ ईंधन की भी बरबादी होती है। शहर को जाम मुक्त करने के लिए करीब छह वर्ष पूर्व जीडीए ने सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) से शहर का कंप्रीहेंसिव मोबिलिटी प्लान तैयार करवाया था।
जीडीए अधिकारियों ने इस दौरान बढ़ी आबादी और वाहनों की संख्या के मद्देनजर नए सिरे से ट्रैफिक प्लान की जरूरत पर जोर दिया है।
शहर का नया ट्रैफिक प्लान शहरी विकास मंत्रालय से जुड़ी यूएमटीसी से बनाने की तैयारी है। इस कंपनी ने नोएडा समेत देश के प्रमुख शहरों में ट्रैफिक संचालन से जुड़े प्लान तैयार किए हैं।
जीडीए ओएसडी मनोज राय ने बताया कि शहर में लगने वाला जाम न केवल विकास कार्यों बल्कि इससे जुड़ी संस्थाओं के अधिकारियों की छवि पर सवालिया निशान लगाता है। शहर की छवि भी खराब होती है।
शहर में कई जाम प्वाइंट ऐसे हैं, जहां थोड़े से विकास कार्य से जाम खत्म किया जा सकता है। भविष्य की जरूरतों के मुताबिक कंसलटेंट फर्म से ट्रैफिक प्लान तैयार करवाया जाएगा। अगले सप्ताह उपाध्यक्ष के साथ बैठककर इस संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले तैयार प्लान भी होंगे शामिल
सीआरआरआई ने भी शहर की अगले 10 वर्षों की जरूरत के लिहाज से ट्रैफिक प्लान तैयार किया था। इसके साथ ही ट्रैफिक पुलिस ने भी शहर में स्मूथ ट्रैफिक के लिए ट्रैफिक प्लान तैयार किया है।
जीडीए ओएसडी के मुताबिक नया प्लान में पहले तैयार किए गए प्लानों को भी ध्यान में रखा और शामिल किया जाएगा।
यह हैं प्रमुख जाम प्वाइंट
1.एएलटी कट चौराहा
2.मोहननगर
3.पुराना बस अड्डा
4.चौधरी मोड़ (जीटी रोड)
5.ग्रेनो लिंक रोड
6.विजयनगर बाईपास
7.लालकुआं
8.सीआईएसएफ कट
9.वसुंधरा चौक
10.राजचौराहा, मोदीनगर
11.गंगनहर, मुरादनगर