पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों की बस पर हमले के बाद दिल्ली-एनसीआर जैश का अगला निशाना था। स्पेशल सेल के हत्थे चढ़े जैश के आतंकी सज्जाद अहमद खान ने पूछताछ के दौरान इसका खुलासा किया है।
दिसंबर में दिल्ली आने के बाद सज्जाद ने अपने आकाओं के इशारे पर दिल्ली व नोएडा के कई मॉल और भीड़ वाले बाजारों की रेकी की थी। पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड मुदस्सिर के कहने पर वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुस्लिम बहुल इलाकों से जैश के लिए नई भर्तियां करने की तैयारी कर रहा था। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि सज्जाद ने आत्मघाती हमले के लिए कुछ लड़कों को तैयार भी कर लिया था।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पुलवामा हमले से पूर्व दिसंबर में सज्जाद को दिल्ली भेजकर स्लीपर सेल बनाने का जिम्मा दिया गया था। उसकी जिम्मेदारी थी कि वह मुस्लिम नौजवानों को फुसलाकर जैश के लिए आत्मघाती हमले करने के लिए तैयार करे।
इसके अलावा, हथियारों, लड़कों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग और रुपयों का इंतजाम करने का जिम्मा भी उसी का था। सज्जाद ने खुलासा किया है कि वह पाकिस्तान में बैठे पांच बड़े जैश आतंकियों के संपर्क में था। उसने पुलिस को उनके नाम भी बताए हैं।
सज्जाद ने बताया कि वह नवंबर माह में मारे गए जैश के पाकिस्तानी आतंकी अनवर अब्बास के संपर्क में भी था। उसने पुलिस को बताया कि सेना के साथ हुई मुठभेड़ में जब उसके दोनों बड़े भाइयों इश्तियाक और शौकत की मौत हुई तो अनवर ने इसे शहादत बताकर बंदूक से फायरिंग कर सलामी दी थी।
सज्जाद ने बताया कि उसने लाजपत राय मार्केट, लोनी बॉर्डर, नोएडा व दिल्ली के कई मॉल की रेकी की थी। वह जल्द ही जैश में भर्ती के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश जाने वाला था। सज्जाद के पास से बरामद फोन की छानबीन की जा रही है। वह किन-किन और लोगों के संपर्क में था, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। अब एनआईए ही उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।