राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों के साथ ही समूचा उत्तर पश्चिम भारत भीषण गर्मी की चपेट में है। अभी कम से कम दो दिन इससे राहत भी नहीं मिलने वाली है।
मौसम विभाग ने 11 अप्रैल को हल्की बारिश की संभावना जताई है, उसके बाद तापमान में दो से तीन डिग्री तक की गिरावट के साथ सूरज की तपिश से मामूली राहत मिलने की उम्मीद है। मंगलवार को दिल्ली में सीजन का सबसे अधिक तापमान 41 डिग्री दर्ज किया गया और कई जगह लू के हालात बने रहे। मंगलवार सुबह 8:30 तक बीते 24 घंटे के दौरान दिल्ली में 15 वर्षों में यह दूसरा मौका था, जब अप्रैल में लू 3चली।
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इस दौरान पश्चिम और पूर्वी राजस्थान, गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ, पंजाब-हरियाणा,पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर भीषण गर्मी पड़ने के साथ लू चली।
लोगों को सताने लगी लू, हाईअलर्ट पर अस्पताल
मौसम के करवट लेने के साथ ही राजधानी में लू चलने लगी है। ऐसे में लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, अभी अस्पतालों में लू से पीड़ित लोग नहीं पहुंच रहे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को हाईअलर्ट पर रहने का आदेश दिया है। दिल्ली सरकार के अस्पतालों में दवाओं के स्टॉक के साथ बर्फ का टब सहित अन्य जरूरी सामान की व्यवस्था की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि लू को देखते हुए विभाग ने कार्ययोजना तैयार की है। अस्पतालों को सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने को कहा गया है। इस दौरान विशेष रूप से गर्मी में होने वाली बीमारियों से बचने के लिए उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी अस्पतालों की सभी व्यवस्थाओं की निगरानी स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार करेंगे।
मई से जुलाई के बीच तापमान 40 से 49 डिग्री तक पहुंच जाता है। ऐसे में बाहर रहने वाले लोगों को लू लग जाती है। इससे बचने के लिए लोगों को सलाह दी गई है। साथ ही, अस्पतालों में साफ और ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है। इससे तीमारदारों को पेयजल के लिए परेशान नहीं होना होगा। अस्पतालों के बाहर धूप से बचने के लिए शेड लगाए जाएंगे। आपातकालीन विभाग में विशेष व्यवस्था की जाएगी।