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बाहर मौसम गर्म है: Delhi-NCR में मेट्रो बनी हमसफर, भीषण गर्मी में तोड़ा मई का भी रिकॉर्ड; देखें आंकड़े

Thu, 06 Jun 2024 07:00 PM IST
अनुज कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सूर्य की तपिश में मेट्रो हमसफर बनी हुई है। मेट्रो के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनुज दयाल ने बताया कि इस बार मई में मेट्रो में प्रतिदिन 60.17 लाख यात्राएं यात्रियों ने की है। पिछले वर्ष मई में यह आंकड़ा 52.41 लाख था। 
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दिल्ली मेट्रो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भीषण गर्मी में दिल्ली-एनसीआर के लोग मेट्रो को यात्रा के लिए अपना हमसफर बना रहे हैं। यही कारण है कि बीते वर्ष के मई माह की तुलना में इस बार मई में प्रतिदिन औसत पैसेंजर जर्नी (यात्रियों की यात्राएं) 7.76 लाख अधिक रही। वर्ष 2022 के मई माह में औसतन पैसेंजर जर्नी 39.4 लाख थी। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) का कहना है कि रिकार्ड गर्मी के बीच दिल्ली मेट्रो बिना किसी रुकावट के वातानुकूलित आरामदायक यात्रा की सुविधा पूरे नेटवर्क पर उपलब्ध करा रहा है। गर्मी के मद्देनजर मेट्रो में एसी समेत अन्य उपकरणों की निगरानी बढ़ाई गई है।

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मेट्रो के प्रतिदिन 4200 फेरे
दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा समय में मेट्रो ट्रेनें प्रतिदिन 4200 फेरे लगा रही हैं और एक लाख 40 किलोमीटर सफर तय करती हैं। मेट्रो के नेटवर्क में मौजूद 345 ट्रेनों में 5000 एसी यूनिट लगाई गई हैं। हर वर्ष गर्मी से पहले मार्च में मेट्रो के एसी की व्यापक स्तर पर तकनीकी जांच व रखरखाव का किया जाता है। इस दौरान खराब उपकरण बदले जाते हैं। 

मई में 60.17 लाख यात्रियों ने की यात्रा
इसके अलावा हर तीन माह पर नियमित रखरखाव का काम होता है। चालक भी मेट्रो के तापमान पर नियमित निगरानी रख रहे हैं। मेट्रो के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनुज दयाल ने बताया कि इस बार मई में मेट्रो में प्रतिदिन 60.17 लाख यात्राएं यात्रियों ने की है। पिछले वर्ष मई में यह आंकड़ा 52.41 लाख था। इसका कारण यह है कि एक तो कोरोना के बाद मेट्रो में वापस यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ी है, दूसरी बात यह कि गर्मी में लोग मेट्रो में सफर करना बेहतर समझ रहे हैं।
 

तकनीक से तापमान को किया जाता है नियंत्रित
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली मेट्रो के सभी भूमिगत मेट्रो स्टेशनों में बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएम) व चिलर प्लांट मैनेजर (सीपीएम) जैसे अत्याधुनिक उपकरण लगे हुए हैं। इसके जरिये भूमिगत स्टेशनों पर लगे सेंट्रलाइज एसी की निगरानी की जाती है और तापमान को नियंत्रित रखा जाता है। 

इसलिए बाहर 45 से 50 डिग्री तापमान रहने पर भी स्टेशन का तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। वहीं मेट्रो ट्रेनों में पूरे दिन तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से कम रहता है। मेट्रो में ब्रेक डाउन, मेट्रो ट्रेन या भूमिगत मेट्रो स्टेशन में एसी फेल्योर की घटनाएं नहीं हुईं।
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आग से सुरक्षा के हैं व्यापक इंतजाम
भीषण गर्मी के चलते दिल्ली मेट्रो के एस्केलेटर, लिफ्ट सहित अन्य गर्म होने वाले सभी उपकरणों की निगरानी बढ़ाई गई है। आग से बचाव के लिए अग्निशामक यंत्र , स्प्रिंकलर, पानी की पाइप व अन्य जरूरी आग से बचाव के उपकरण है। इसका नियमित रखरखाव किया जाता है। ताकि जरूरत पड़ने पर जल्दी इस्तेमाल किया जा सके। 

साथ ही स्टेशन पर तैनात कर्मचारियों को आपात स्थिति में राहत बचाव का प्रशिक्षण भी समय-समय पर दिया जाता है। मेट्रो में आग लगने की स्थिति में अर्लाम तकनीक अत्याधुनिक है। अभी तक दिल्ली मेट्रो के किसी भी ट्रेन में आग लगने जैसे स्थिति नहीं हुई है।
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