दिल्ली-एनसीआर की हवा में बुधवार को भी सुधार नहीं हुआ बल्कि पहले के मुकाबले हवा की स्थिति और बिगड़ गई। एनसीआर में भी ग्रेटर नोएडा की हवा 476 के वायु गुणवत्ता सूचकांक के साथ सबसे अधिक दम घोंटू दर्ज की गई। अगले 24 घंटे में भी हवा की स्थिति में सुधार की संभावना नहीं है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, बुधवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 433 दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले यह 418 रहा था जबकि सोमवार को यह 332 के साथ बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया था।
उधर एनसीआर में ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और नोएडा की हवा दूसरे दिन भी गंभीर श्रेणी में बनी रही है। केवल गुरुग्राम की हवा 340 के वायु गुणवत्ता सूचकांक के साथ बहुत खराब श्रेणी में रही।
सफर के अनुसार, पिछले 24 घंटे में प्रदूषित तत्वों में शामिल पीएम10 और पीएम 2.5 के कण भी गंभीर श्रेणी में दर्ज किए गए हैं। पीएम10 का स्तर 490 और पीएम 2.5 का स्तर 296 तक पहुंच गया जबकि 1 दिन पहले पीएम 10 का स्तर 435 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 2.5 का स्तर 247 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा था। सोमवार को पीएम 10 का स्तर 261 व पीएम 2.5 का स्तर 157 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा था। पीएम 10 का स्तर 100 से कम और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होने पर सुरक्षित श्रेणी में रखा जाता है।
सफर के मुताबिक, हवा की धीमी गति होने और वेंटिलेशन इंडेक्स कम होने की वजह से प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। आगामी 24 घंटे में भी प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी में बना रहेगा। इसके बाद 25 दिसंबर से मौसम में परिवर्तन होने के कारण हवा का स्तर सुधर कर गंभीर से बहुत खराब श्रेणी में पहुंच सकता है। शुक्रवार से लगातार सुधार होने की संभावना बनी हुई है। गौरतलब है कि करीब दो सप्ताह बाद मंगलवार से दिल्ली की हवा ने एक बार फिर गंभीर श्रेणी का दामन थामा है।