उत्तरी दिल्ली नगर निगम के कर्मचारी पिछले दो महीने के वेतन के बिना काम कर रहे हैं। इसमें स्वच्छता कर्मचारियों से लेकर डॉक्टर व अन्य अधिकारी भी शामिल हैं। वहीं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी पेंशन नहीं मिली है। इस संबंध में निगम ने दिल्ली सरकार से एक हजार करोड़ रुपये की एकमुश्त राशि की मांग की है।
निगम कर्मचारियों को सिर्फ जनवरी माह का ही वेतन मिला है। वहीं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी जनवरी तक की पेंशन मिली है। फरवरी और मार्च का वेतन और पेंशन अभी बकाया है। साथ ही अप्रैल भी शुरू हो चुका है।
ऐसे में लॉकडाउन के दौरान निगम कर्मचारियों को खर्चा चलाना मुश्किल हो गया है। इस संबंध में जब निगम आयुक्त वर्षा जोशी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि निगम आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
सरकार की ओर से निगम को पैसा नहीं मिला है। यदि पैसा मिलता तो कर्मचारियों को भुगतान किया जाता। वहीं, महापौर अवतार सिंह ने कहा कि हमने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और पत्र के जरिए एक हजार करोड़ की एकमुश्त राशि की मांग की है।