आगामी वित्त वर्ष में एमसीडी ने पार्षदों को उनके वार्डों में विकास कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने और जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भरपूर बजट आवंटित किया है। ऐसे में अब पार्षदों को फंड की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
एमसीडी ने पार्षद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि में 388 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिससे प्रत्येक पार्षद को 1.55 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसके अलावा 12 से अधिक अन्य मदों से भी पार्षदों को लाखों रुपये खर्च करने का अधिकार होगा।
इन मदों में सौ करोड़ रुपये से अधिक राशि का प्रावधान किया है। इन फंड का उपयोग वे सड़कों, गलियों के निर्माण, नाले-नालियों की सफाई, स्ट्रीट लाइट लगवाने, पार्कों के रखरखाव और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर करेंगे।
कई वर्षों से पार्षद अपने वार्डों में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त फंड न होने की शिकायत कर रहे थे, जिससे कई महत्वपूर्ण योजनाएं अधर में लटकी हुई थीं। इस बार एमसीडी ने सभी पार्षदों को पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया है। खासकर पार्षद मद में दोगुनी से अधिक बढ़ोतरी की गई है। इस तरह उनके क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं का समाधान तेजी से किया जा सकेगा।
विशेष रूप से सड़कों और गलियों की मरम्मत, जलभराव से निपटने, स्ट्रीट लाइट्स लगाने और सफाई सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए यह बजट अहम साबित होगा।एमसीडी अधिकारियों के अनुसार, इस बार फंड का उपयोग पारदर्शिता और प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
वार्डों में आधारभूत संरचना में सुधार के साथ-साथ स्वच्छता और पर्यावरण-संरक्षण को भी विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इस बार एमसीडी का जोर विशेष रूप से शहरी और ग्रामीण इलाकों में समग्र विकास पर है।
जलभराव से निपटने, जल संचयन को बढ़ावा देने, साफ-सफाई की स्थिति सुधारने और हरियाली बढ़ाने पर जोर रहेगा। लिहाजा आगामी वित्त वर्ष में पार्षदों के लिए भरपूर फंड उपलब्ध होने से उनके वार्डों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।