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Delhi Mundka Fire: हादसे में अब तक गई 27 लोगों की जान, 10 पॉइंट्स में जानें पूरा घटनाक्रम

Sat, 14 May 2022 02:25 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

पुलिस ने पहली मंजिल पर चल रही कंपनी के संचालक हरीश गोयल और वरुण गोयल को गिरफ्तार कर लिया गया है। इमारत के मालिक मनीष लाकड़ा से भी  पूछताछ की जा रही है। इस हादसे की जांच के लिए दिल्ली सरकार ने मजिस्टीरियल जांच के आदेश भी दे दिए हैं। यहां 10 प्वाइंट्स में समझें पूरे घटनाक्रम को और इसकी टाइमलाइन भी जानें...
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Delhi Mundka Fire - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुंडका इलाके में मेट्रो स्टेशन के पास स्थित तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में शुक्रवार शाम भीषण आग लग गई। हादसे में महिला समेत 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग झुलस गए, जिन्हें ग्रीन कॉरिडोर बनाकर संजय गांधी अस्पताल भेजा गया। देर रात तक दमकल की तीन दर्जन से ज्यादा गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हुईं थीं। अग्निशमन विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि देर रात तक इमारत से 26 शव निकाले गए थे, जबकि एक महिला की कूदने से मौत हो गई। दमकल विभाग का कहना है कि शनिवार सुबह भी कुछ शवों के अवशेष मिले हैं जिससे मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है।

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हालांकि दमकल और पुलिसकर्मियों ने मिलकर 50 लोगों को इमारत से सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। पुलिस ने पहली मंजिल पर चल रही कंपनी के संचालक हरीश गोयल और वरुण गोयल को गिरफ्तार कर लिया गया है। इमारत के मालिक मनीष लाकड़ा से भी  पूछताछ की जा रही है। इस हादसे की जांच के लिए दिल्ली सरकार ने मजिस्टीरियल जांच के आदेश भी दे दिए हैं। यहां 10 प्वाइंट्स में समझें पूरे घटनाक्रम को और इसकी टाइमलाइन भी जानें...

1- पहली मंजिल से लगी आग: पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में इमारत की पहली मंजिल में आग लगने की बात सामने आई है, जो बाद में तीसरी मंजिल तक पहुंच गई। पहले माले पर सीसीटीवी कैमरों और राउटर निर्माण कंपनी कोफे इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड का कार्यालय है। आग लगने के दौरान इन कार्यालयों में बड़ी तादाद में कर्मचारी मौजूद थे। शाम करीब 4:45 बजे इमारत में आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से फौरन राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया गया। दमकल कर्मियों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर रस्सी की मदद से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ लोगों ने आग लगते ही भागने की कोशिश की लेकिन ज्यादातर आग की लपटों में फंस गए। पहली मंजिल पर लगी आग देखते ही देखते तीसरी मंजिल तक पहुंच गई। 
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2- आग लगते ही मची अफरातफरी: स्थानीय लोगों ने बताया कि पहली मंजिल में आग लगते ही अफरातफरी मच गई। इमारत में फंसे लोग बाहर निकलने के लिए जद्दोजहद कर रहे थे। धुएं की वजह से लोग कुछ भी देख नहीं पा रहे थे। कुछ लोगों ने इमारत से छलांग लगाकर जान बचाई। मौके पर जुटे लोग इमारत में फंसे लोगों को बचाने की कोशिश करने लगे। कुछ ऐसे भी लोग थे, जिनके अपने इमारत में स्थित कंपनी में काम करते थे। वह अपने परिचितों से फोन कर उनका हालचाल जानने की कोशिश कर रहे थे। जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस के पास पहुंच रहे थे। इससे राहत कार्य बाधित होने लगा। ऐसे में पुलिस ने लोगों को घटनास्थल से दूर हटाया।

3- इमारत में चल रही थी बैठक, कई लोग लापता: पुलिस जांच में पता चला है कि हादसे के वक्त तीसरी मंजिल पर एक कंपनी की बैठक चल रही थी। उसमें काफी संख्या में लोग मौजूद थे, जिनमें से कुछ लोग आग में फंस गए। कई लोग अभी भी लापता हैं। दमकल विभाग आग बुझाने के बाद सर्च ऑपरेशन शुरू करेगा। पुलिस इस कंपनी के मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।  

4- मेट्रो संचालन भी हुआ प्रभावित: इमारत रोहतक रोड के किनारे स्थित है और पास में ही मुंडका मेट्रो स्टेशन है। ऐसे में आग की लपटें ऊपर उठने के दौरान मेट्रो का परिचालन भी कुछ समय के लिए बाधित हो गया।

5- चारों ओर मचा था हहाकार, दूत बनकर पहुंची ग्राम सभा की टीम: मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास मौजूद इमारत में शुक्रवार शाम को अचानक चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने देखा तो इमारत की पहली मंजिल पर आग लगी थी। वहां सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे। इससे पहले की बचाव दल मौके पर पहुंचता, ग्रामीण मदद को भागे। कुछ ही देर में आग लगने की खबर नजदीक मुंडका गांव में फैल गई। ग्राम सभा की टीम मौके पर मदद को भागी। लोगों को कुछ नहीं सूझा तो पास में खड़ी एक क्रेन को मौके पर ले जाया गया। क्रेन की मदद से लोगों ने एक-एक कर लोगों को ऊपरी मंजिलों से निकालना शुरू कर दिया। कुछ लोग आसपास से सीढ़ियां ले आए। उनको भी लगा दिया गया। धीरे-धीरे लोगों को सीढ़ी की मदद से बाहर निकाला जाने लगा। मौके पर हहाकार मचा हुआ था। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, लेकिन इसके बाद भी हीरो की तरह ग्रामीण आग से लोगों को निकालते रहे। कुछ लोग तो इसमें मामूली रूप से झुलस गए। बाद में बचाव दल मौके पर पहुंचा इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा।

6- कोयला बने ज्यादातर शव, डीएनए से होगी पहचान: मुंडका इलाके की बिल्डिंग में जैसे ही आग लगी, फौरन ही वहां बचाव कार्य शुरू हो गया। आग पर काबू पाने के बाद जैसे-जैसे इमारत में दाखिल हुआ गया, वहां एक-एक शव मिलते ही गए। सबसे अधिक दूसरी मंजिल से शव बरामद हुए। बचाव कार्य में जुटे दमकल अधिकारियों का कहना था कि अंदर का मंजर बेहद खौफनाक था। ज्यादातर शव कोयला बन चुके थे। उनकी पहचान कर पाना संभव नहीं था। एक-एक कर शवों को बिल्डिंग से निकालने के बाद उनको संजय गांधी अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों का कहना था कि शवों की पहचान के लिए उनका डीएनए कराना होगा। उधर अपनों की तलाश में अस्पताल के बाहर लोगों की भारी भीड़ जुटी थी।

7- घायलों को 11 किलोमीटर तक लेकर पहुंची एंबुलेंस: मुंडका आग मामले में घायलों को 11 किलोमीटर दूर तक एंबुलेंस लेकर पहुंचीं। किसी में दो तो किसी में तीन-तीन घायलों को लेकर चार कैट्स एंबुलेंस अलग अलग अस्पताल पहुंचीं। दो अस्पतालों में 12 से ज्यादा गंभीर रूप से घायलों को भर्ती कराया गया।

8- राष्ट्रपति प्रधानमंत्री समेत सबने प्रकट किया शोक, पीएम ने किया 2 लाख के मुआवजे का एलान- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत तमाम नेताओं ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख और घायलों के लिए 50 हजार के मुआवजे का एलान किया।

9- दिल्ली सरकार ने दिए मजिस्टीरियल जांच के आदेश: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आज सुबह मुंडका घटनास्थल और संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल का दौरा किया। मुंडका में पहुंचे केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार ने मजिस्टीरियल जांच के आदेश दे दिए हैं और मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख और घायलों को 50-50 हजार का मुआवजा दिया जाएगा।

10- बढ़ सकती है मृतकों संख्या: दमकल विभाग के अधिकारी ने बताया है कि आज सुबह कुछ अवशेष मिले हैं जो दो-तीन लोगों के हो सकते हैं। ऐसे में मृतकों की संख्या 30 तक पहुंच सकती है। 

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यहां पढ़ें पूरी घटना का टाइमलाइन

. 4.45 बजे- मेट्रो के पिलर नंबर 545 के पास स्थित इमारत में आग लगने की दमकल विभाग व पुलिस को सूचना मिली। 
. 5.00 बजे- दमकल विभाग विभाग की 12 गाड़ियां मौके पर पहुंची। 
. 5.15 बजे- बचाव कार्य शुरू किया गया। बिल्डिंग के शीशे तोड़े गए व बचाव कार्य शुरू किया गया। 
. 5.20 बजे-रस्सी की मदद से लोगों को इमारत से बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। 
5.30 बजे- आग की भयंकरता को देखते हुए मौके पर मौके पर दमकल विभाग की और गाड़ियां भेजी गईं।
. 6.00 बजे- महिला ने इमारत की तीसरी मंजिला से छलांग लगा दी थी। घायलावस्था में महिला को अस्पताल ले जाया गया। 
. 6.15 बजे- महिला को संजय गांधी अस्पताल में मृत घोषित किया गया।
. 7.00 बजे- दमकल विभाग की और गाड़ियां भेजी गई। 
. 7.30 बजे- ग्रामीणों ने बिल्डिंग से करीब 100 लोगों को बचाया। 
. 8.00 बजे- लोगों को बाहर निकालने का काम जारी रहा
. 8.30 बजे-दमकल विभाग की और गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। 
. 8.30 बजे- इमारत के आसपास भारी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। इससे राहत कार्य में थोड़ी परेशानी हुई। 
. 10.00 बजे- दमकल विभाग ने कुछ हद तक आग पर काबू पा लिया था। 
10.15 बजे- इमारत के अंदर से शवों को निकालना शुरू किया गया। 
10.30 बजे- इमारत से 16 शवों को निकालकर संजय गांधी अस्पताल में भेजा गया। 
11.00बजे- देर रात तक आग पर काबू पाने का प्रयास जारी था। 
11.30 बजे- दमकल विभाग की और गाड़ियों का मौके पर भेजा गया। 
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