दिल्ली मेट्रो पहले ही बांग्लादेश के ढाका में 2013 से ही तीन रूटों पर परामर्श सेवाएं दे रही है। अब एक और नई लाइन के लिए बोली लगाने की दौड़ में हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान 2500 करोड़ से अधिक का नुकसान होने के बाद दिल्ली मेट्रो लगातार अपने राजस्व को बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। दिल्ली मेट्रो को टिकटों को छोड़कर शेष मदों से महज 13 फीसदी के करीब आय हो रही है। इसमें प्रॉपर्टी, विज्ञापन, परामर्श सहित कई और सेवाएं शामिल हैं। बावजूद इसके कोरोना काल में हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए डीएमआरसी लगातार आगे बढ़ रही है।
इसके तहत विदेशों में परामर्श सेवाएं देने के लिए बोलियां लगा रही है। इन परियोजनाओं के अलावा भी डीएमआरसी मॉरीशस और बहरीन में भी कई अग्रणी कंपनियों मके साथ प्रतिस्पर्धा में है। डीएमआरसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक केंद्र और दिल्ली सरकार के सहयोग से परामर्श सेवाओं को बढ़ाकर 30 फीसदी तक ले जाने की दिशा में प्रयासरत है।
टिकटों की बिक्री से मेट्रो ने की 87 फीसदी कमाई
दिल्ली मेट्रो ने कोविड-19 महामारी के दौरान टिकटों की बिक्री से 3391 करोड़ रुपये अर्जित किए। दूसरे मदों से डीएमआरसी को महज 505 करोड़ रुपये की आय हुए है। इसमें प्रॉपर्टी, विज्ञापन और परामर्श सेवाएं शामिल हैं। टिकट के अलावा दूसरे मदों से होने वाली कमाई, डीएमआरसी की कुल आय का महज 13 फीसदी है। मॉरीशस में करीब 22 किलोमीटर, बहरीन मेट्रो के 29 किलोमीटर के पहले चरण के लिए दूसरी कंपनी से साझेदारी कर रहा है।