दिल्ली मेट्रो रेल ऑपरेशन के 12वें साल में बुधवार को प्रवेश कर जाएगी। मेट्रो की पहली ट्रेन 24 दिसंबर 2002 को शाहदरा से तीस हजारी के बीच तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना की थी।
जनता के लिए मेट्रो 25 दिसंबर को शुरू हुई थी। तब हर रोज 35 हजार यात्री सफर करते थे। आज मेट्रो रेल हर रोज 26 लाख यात्रियों को लाभ दे रही है।
डीएमआरसी ने 11 साल के दौरान दो चरण में 190 किमी ट्रैक पर मेट्रो रेल दौड़ाई। तीसरे चरण के पहले सेक्शन पर 30 दिसंबर को ट्रॉयल शुरू होगा।
मार्च, 2014 में केन्द्रीय सचिवालय से मंडी हाउस इंटरचेंज स्टेशन तक फेस-तीन की मेट्रो रेल दौड़नी शुरू हो जाएगी। उम्मीद है कि मेट्रो रेल ऑपरेशन का विस्तार 2016 तक बहुत तेजी से होगा।
डीएमआरसी ने फेस-तीन में करीब 130 किमी नेटवर्क निर्माण का लक्ष्य रखा है। वर्ष 2016 में 320 किमी ट्रैक पब्लिक के लिए उपलब्ध होगा।
विशेष बात यह है कि फेस-एक में जहां सीधी-सीधी लाइन बनी, वहीं फेस-दो में कुछ इंटरचेंज स्टेशन मिले। अब फेस-तीन में एनसीआर को जोड़ने वाली लंबी लाइन को इंटरचेंज स्टेशन मिलने वाले हैं।
दिल्ली मेट्रो रेल ऑपरेशन के 11वें साल में प्रवेश करते हुए प्रबंध निदेशक डॉ. ई श्रीधरन की जगह मंगू सिंह को कमान सौंपी गई थी। जो अभी भी मेट्रो का प्रबंधन देख रहे हैं।
हालांकि ऑपरेशन के 11वें साल में ही पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत चलाई गई एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन वापस डीएमआरसी को मिली है। एयरपोर्ट लाइन ऑपरेशन से हो रहे नुकसान की भरपाई डीएमआरसी के लिए चुनौती है।
उम्मीद है कि 12वें साल में दिल्ली की जनता को नए कॉरिडोर मिलेंगे और डीएमआरसी फेस-तीन प्रोजेक्ट के लिए एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के परिचालन को पैसेंजर फ्रेंडली बनाने में सफल होगा।