यमुना खादर में डंपिंग का मसला राज निवास तक पहुंच गया है। यमुना जिये अभियान ने इस बारे में एक शिकायती चिट्टी उपराज्यपाल नजीब जंग को लिखी गई है।
अभियान की दलील है कि कोर्ट की मनाही के बावजूद दिल्ली मेट्रो यमुना नदी केएक हिस्से का इस्तेमाल डंपिंग ग्राउंड के तौर पर कर रही है। इसने सराय काले खां बस अड्डे के सामने नदी का स्वरूप ही बदल गया है।
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अभियान के संयोजक मनोज मिश्र के मुताबिक, डीएमआरसी फिलहाल टनल से निकलने वाली मिट्टी को नदी में डाल रही है। इससे न सिर्फ यहां की प्राकृतिक वनस्पतियां खत्म हो रही हैं, बल्कि पूरा इलाका निर्जन होता जा रहा है। मेट्रो को इसकी अनमुति भी नहीं मिली है।
खास बात यह कि पिछले दिनों निर्माण सामग्री की डंपिंग के एवज में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने दिल्ली मेट्रो पर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। बावजूद इसके मेट्रो की अवैध गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
चिट्ठी में अभियान ने गुजारिश की है कि उपराज्यपाल को मौके का मुआयना करके जमीनी हकीकत का पता लगाना चाहिए। इससे यमुना नदी से लगातार की जा रही छेड़छाड़ की जानकारी मिलेगी। इससे मेट्रो पर नकेल कसना आसान होगा। ऐसा न होने पर यमुना खादर डंपिग ग्राउंड में तब्दील हो जाएगा।