दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क में विस्तार का सिलसिला जारी है। पिछले 10 वर्षों में दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क करीब दोगुना हो गया है। इस दौरान नेटवर्क में नए 141 स्टेशनों से भी यात्रियों को मेट्रो की सुविधा मिलने लगी। आर्थिक सर्वेक्षण में 10 वर्षों के दौरान मेट्रो के विस्तार को भी शामिल किया गया है। यह देश के सभी मेट्रो की तुलना में तेजी से होने वाला विस्तार है।
बजट प्रावधानों में देश भर की मेट्रो परियोजनाओं के लिए प्रावधानों से दिल्ली मेट्रो फेज-4 परियोजनाओं की रफ्तार में और तेजी की उम्मीद की जा रही है। मेट्रो का दायरा बढ़ने के साथ साथ लगातार नई तकनीक का मेट्रो परिचालन में इस्तेमाल इस्तेमाल से यात्रियों को और सहूलियतें मिलने की उम्मीद की जा रही है।
वर्ष 2011 में दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 196.35 किलोमीटर का था। इस दायरे में 145 स्टेशनों पर यात्रियों को मेट्रो की सुविधा मुहैया की जा रही थी। इसके बाद भी मेट्रो के आगे बढ़ने की रफ्तार कम नहीं हुई। 2021 के दिसंबर तक दिल्ली मेट्रो का दायरा बढ़कर करीब दोगुना(390.14) किलोमीटर हो गया। इस दौरान स्टेशनों की संख्या भी 145 से बढ़कर 286 हो गई।
पिछले दो साल के दौरान दिल्ली मेट्रो की दो लाइनों को ड्राइवरलेस किया गया, जबकि फेज-4 की सभी लाइनों पर ड्राइरलेस मेट्रो में यात्रियों को सफर का मौका मिल सकेगा। इसी साल के अंत तक मेट्रो में नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड(एनसीएमसी)कार्ड की यात्रियों को सुविधा करने का लक्ष्य है। इस दिशा में लगातार कार्य प्रगति पर हैं ताकि यात्रियों को एनसीएमसी कार्ड से मेट्रो में सफर के साथ मॉल्स, पार्किंग सहित दूसरी सेवाओं के लिए भी इस्तेमाल का मौका मिल सके।
हर साल मेट्रो नेटवर्क में 19.14 किलोमीटर का इजाफा
2011 में दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 196.35 किलोमीटर था। 10 साल बाद विस्तार की तेज रफ्तार के बाद मेट्रो का नेटवर्क 390.14 किलोमीटर का हो गया। 10 साल में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के नेटवर्क में करीब 194.21 किलोमीटर का विस्तार हुआ। नई तकनीक और कार्यकुशलता की बदौलत डीएमआरसी ने सालाना अपने नेटवर्क में 19.42 किलोमीटर का इजाफा दर्ज किया।