कैसे रची जाती थी साजिश?
एप बनाने वाले लोग विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट से अवैध रूप से मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों को इकट्ठा करते हैं और उस पर आपत्तिजनक कंटेट लिखकर उनकी तस्वीरों को ट्रोल करते हैं। तस्वीरों का गलत तरीके से इस्तेमाल होता है। एप पर कई महिलाओं की तस्वीरें होती हैं, जिस पर किसी महिला की तस्वीर के साथ लिखा जाता है, 'योर बुल्ली बाई ऑफ द डे'....इन तस्वीरों को शेयर कर इनकी नीलामी भी की जा रही है।
हंगामे के बाद डिलीट किए गए थे सबूत
सुल्ली डील्स के एप क्रिएटर ओंकारेश्वर ठाकुर को इसी साल जनवरी में गिरफ्तार किया गया था। ठाकुर ने कबूल किया था कि उसने जुलाई 2021 में गिटहब पर सुल्ली डील्स एप बनाया। एप से कई मुस्लिम महिलाओं की सहमति के बिना नीलामी के लिए उनकी तस्वीरें अपलोड की गई थीं। ठाकुर ने जनवरी 2020 में ट्विटर हैंडल @gangescion का इस्तेमाल कर ट्विटर पर ट्रेडमहासभा के नाम से ग्रुप में शामिल हुआ था। सदस्यों ने मुस्लिम महिलाओं को ट्रोल करने की साजिश रची थी। हंगामे के बाद सभी लोगों ने सोशल मीडिया फुटप्रिंट्स को डिलीट कर दिया था।