फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली हिंसा मामला : कोर्ट ने आरोप पत्र पर लिया संज्ञान, 21 सितंबर को अगली सुनवाई 

Thu, 17 Sep 2020 06:35 PM IST
Mohit Mudgal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
दिल्ली हिंसा - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा मामले में पुलिस द्वारा दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लिया है। दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ यूएपीए के तहत आरोप पत्र दायर किया है।

विज्ञापन

 

कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वह आरोपियों को आरोप पत्र की प्रतियां उपलब्ध कराएं। मामले में अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि सभी आरोपी अगली तारीख यानी 21 सितंबर को अदालत में पेश हों। 

दिल्ली दंगों की साजिश में छह और के खिलाफ जल्द दाखिल किया जाएगा आरोप पत्र

दिल्ली दंगों की साजिश के सिलसिले में जल्दी ही छह और आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। यह जानकारी दिल्ली पुलिस की ओर से दी गई। दिल्ली पुलिस ने उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों की साजिश के सिलसिले में 15 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। 
विज्ञापन


दिल्ली पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 195 दिनों की जांच और 747 गवाहों से पूछताछ के बाद 21 में से 15 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र बुधवार को दाखिल कर दिया गया। अन्य छह आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने और कानूनी तथा संवैधानिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। 

पुलिस की ओर से बताया गया कि स्पेशल सेल ने बुधवार को दंगों की साजिश के आरोप में 15 आरोपियों के खिलाफ यूएपीए, आईपीसी तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया है। इसकी जांच में 195 दिन लगे और 747 गवाहों से पूछताछ की गई और इस दौरान 75 इलेक्ट्रानिक डिवाइस जब्त किये गए। यह आरोप पत्र वैज्ञानिक, दस्तावेज तथा बयानों पर आधारित है। इसके 11 खंड तथा 17 हजार से अधिक पन्ने हैं। 

दंगों में हुए संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए दिल्ली सरकार के समक्ष 20 करोड़ से अधिक का दावा पेश किया गया है। इससे दंगों में हुए नुकसान की मात्रा का पता चलता है। इस दौरान 16 हजार पीसीआर कॉल पुलिस को की गईं थी और 751 मुकदमे दर्ज किए गए। 

इनमें से 59 मामलों की जांच एसआईटी, तथा 691 मामलों की जांच की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस को सौंपी गई थी। इसके अलावा दंगों की साजिश के सिलसिले में छह मार्च को दर्ज केस की जांच स्पेशल सेल को सौंपी गई थी। 
विज्ञापन


 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें