अदालत ने कंझावला कांड के आरोपी दीपक खन्ना की जमानत अर्जी खारिज करते हुए टालमटोल और अस्पष्ट जवाब दाखिल करने के लिए दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई है। रोहिणी कोर्ट स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुशील बाला डागर ने कहा ऐसा प्रतीत होता है कि जांच अधिकारी जमानत अर्जी का विरोध नहीं कर रहे हैं। जांच एजेंसी का दृष्टिकोण गैर गंभीर प्रतीत होता है। अदालत ने भविष्य में जमानत अर्जियों पर जवाब संबंधित डीसीपी की निगरानी में लेने का निर्देश दिया है।
अदालत ने कहा, यह उल्लेख करना उचित है कि इस जमानत अर्जी पर आज जो उत्तर प्राप्त हुआ है, वह सभी आधारों पर काफी अस्पष्ट और गैर-विशिष्ट है। यह उत्तर से प्रतीत होता है कि आईओ जमानत अर्जी का विरोध नहीं कर रहा है। जांच एजेंसी को इस तरह का गैर-संवेदनशील दृष्टिकोण नहीं रखना चाहिए। यह अदालत की न्यायिक चेतना को झटका देता है कि जवाब में इस तरह के गोलमोल गैर-विशिष्ट, अस्पष्ट आधार बनाए जा रहे हैं। जांच एजेंसी का दृष्टिकोण गैर-विशिष्ट प्रतीत होता है।
अदालत ने कहा यदि भविष्य में इस मामले में कोई आवेदन दिया जाता है तो डीसीपी व्यक्तिगत रूप से उसकी निगरानी करने के लिए संबंधित है और अदालत को भेजे जाने वाले किसी भी प्रतिक्रिया को डीसीपी के कार्यालय के माध्यम से भेजा जाना चाहिए ताकि उसकी निगरानी और जांच पर दिमाग का प्रयोग किया जा सके।
दीपक के खिलाफ आरोप गंभीर
अदालत ने कहा कि आरोपी दीपक के खिलाफ आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। जांच अभी भी प्रारंभिक चरण में है। आरोपी ने खुद जांच एजेंसी को दो संस्करण दिए हैं जैसा कि जमानत अर्जी में उल्लेख किया गया है यानी पहली बार में उसने कहा कि वह वाहन चला रहा था और बाद में वह बचाव कर रहा है कि वह वाहन नहीं चला रहा था। वह वाहन के अंदर मौजूद था या नहीं इसकी जांच की जानी बाकी है।
कोर्ट ने आगे कहा कि आरोपी के जीपीएस लोकेशन या सीडीआर के संबंध में उसके वकील की दलीलें मानने योग्य नहीं हैं जो उसका बचाव प्रतीत होता है और मामला अभी शुरुआती चरण में है। यह आवश्यक नहीं है कि हर समय कोई व्यक्ति अपना मोबाइल फोन अपने साथ रखे जो अभी भी जांच का विषय है। पूछताछ पर क्या कथित गवाह साहिल ने उल्लेख किया है कि क्या आरोपी दीपक वाहन में मौजूद था या नहीं, जांच अधिकारी ने कहा कि कथित गवाह साहिल ने अपने बयान में आरोपी दीपक के बारे में कुछ भी नहीं कहा है और इस संबंध में जांच अभी भी चल रही है।
मामले के सात में से दो आरोपी जमानत पर
अंकुश और आशुतोष को जमानत मिल गई है। दीपक खन्ना, अमित खन्ना, मनोज मित्तल, कृष्ण और मिथुन सहित अन्य पांच आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। उन्हें 23 जनवरी को अदालत में पेश किया जाना है।