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दिल्ली: 250 बेड कोरोना मरीजों के लिए बनाए जाने के मुद्दे पर जवाब दाखिल करने का निर्देश

Tue, 03 Aug 2021 12:38 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

  • दिल्ली सरकार ने जानकारी दी कि द्वारका में बन रहा 1241 बेड वाला इंदिरा गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल इस साल के अंत तक शुरू हो जाएगा 
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अदालत - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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द्वारका में बन रहा 1241 बेड वाला इंदिरा गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल इस साल के अंत तक शुरू हो जाएगा। इससे द्वारका व इसके आसपास रहने वाले लोगों को सामान्य बीमारियों के अलावा हार्ट, किडनी, कैंसर जैसी बीमारियों का भी इलाज होगा। दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट को यह जानकारी दी है। अदालत ने सरकार को इस अस्पताल में 250 बेड कोरोना मरीजों के लिए बनाए जाने के मुद्दे पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

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न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ के समक्ष पेश जवाब में सरकार ने कहा कि अस्पताल में पूरी तरह से ओपीडी, आईपीडी और अपातकालीन सेवाएं शुरू की जाएगी। वहीं इस अस्पताल में जुलाई, 2022 तक हार्ट, किडनी, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 10 सुपर स्पेशिलिटी इलाज की सुविधाएं शुरू हो जाएगी। अस्पताल में डायलेसिस की भी सुविधा मिलेगी और यह सुविधा आउटसोर्स यानी पीपीपी मॉडल के जरिए शुरू की जाएगी।

अस्पताल के ओपीडी ब्लॉक में लंबित पड़े सिविल और बिजली का काम अक्तूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसी समय सीमा के भीतर सभी 1241 बेड पर आक्सीजन का कनेक्शन लगाने का काम भी पूरा हो जाएगा। सरकार ने कहा है कि सिविल, बिजली और आक्सीजन लगाने का काम पूरा होने के बाद अस्पताल अक्तूबर, 2021 से कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरह से संचालन के लिए तैयार हो जाएगा।
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पीठ द्वारका कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही है। सरकार ने कोर्ट को बताया कि अस्पताल में सुपर स्पेशिलिटी विशेषज्ञों, शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति में वक्त लगेगा। इसके लिए पद सृजन में केंद्र सरकार और संघ लोक सेवा आयोग की भूमिका है। इसके बावजूद प्रयास किया जा रहा है कि अक्तूबर, 2021 तक पदों का सृजन हो जाए। पद सृजित होने के बाद नियुक्तियों में कम से कम एक साल का वक्त लगता है।

ऐसे अस्पताल को पूरी तरह से सुपर स्पेशिलिटी बनाने के लिए अक्तूबर 22 तक संघ लोक सेवा आयोग और दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड से सृजित होने वाले पदों पर नियुक्ति का आग्रह जाएगा। पद सृजित होने के बाद जब तक नियमित नियुक्तियां नहीं हो जाती है, तब अनुबंध पर विशेषज्ञ डॉक्टरों व अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी।

पीठ को बताया गया था कि द्वारका में स्थित इस अस्पताल का काम पहले फरवरी 2017 में पूरा होना था, लेकिन बिस्तर क्षमता 700 से बढ़ाकर 1241 किए जाने के बाद निर्माण का काम पूर करने का समय सीमा सितंबर 2019 कर दिया गया था। अदालत ने मामले की सुनवाई 9 नवंबर तय की है।

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