Delhi Baby Care Hospital Fire: दिल्ली के बेबी केयर न्यू बोर्न अस्पताल में आग लगने के दौरान मंजर खौफनाक था। धमाकों के बाद 50 मीटर तक आग का गोला उठ रहा था। विवेक विहार के सी-ब्लॉक में रातभर कोई भी परिवार सो नहीं पाया। पुलिस और दमकल कर्मियों ने आसपास के मकानों को खाली करा दिया था।
दिल्ली के विवेक विहार के सी-ब्लॉक में शनिवार रात कोई भी परिवार नहीं सो पाया। बेबी केयर न्यू बोर्न अस्पताल में आग लगने के बाद एकाएक तेज धमाकों की वजह से पूरी काॅलोनी में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने अपने घरों से बाहर निकलकर देखा तो अस्पताल आग की लपटों में घिरा हुआ दिखा। रह-रहकर वहां सिलिंडर ब्लास्ट हो रहे थे।
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लोगों ने आग के गोलों को 50-50 मीटर ऊंचे उठते हुए देखा। हादसे के चंद ही मिनटों बाद बचाव दल मौके पर पहुंचा और मोर्चा संभाल लिया। इसके बावजूद रह-रहकर सिलिंडर फटे ही जा रहे थे। हालात को देखते पुलिस व दमकल कर्मियों ने आसपास के 15 से ज्यादा मकानों को एहतियात के तौर पर खाली करवा लिया।
आग ने पड़ोस की दो इमारतों को अपनी चपेट में ले लिया था। अस्पताल के पास रहने वाले एक कारोबारी ने बताया कि जैसे ही उन्होंने पहले धमाके की आवाज सुनी, वह घर से बाहर आ गए थे। बाद में धीरे-धीरे उन्होंने अपने परिवार को उठाया और दूर सुरक्षित स्थान पर बैठ गए। उन्होंने पार्क में बैठकर रात गुजारी।
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बच्चों को निकालने में की मदद
आग के बाद कुछ लोगों ने मौके से बच्चों को निकालने में भी मदद की। पद्म श्री जितेंद्र सिंह शंटी भी अपने वाॅलंटियर्स को लेकर मौके पर पहुंचे। बच्चों को निकालने में इन लोगों ने मदद की। बाद में शहीद भगत सिंह सेवा दल की एंबुलेंस की मदद से झुलस गए बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया।
इमारत के सामने लटकते तार दमकल कर्मियों के लिए बने चुनौती
बेबी केयर न्यू बोर्न अस्पताल में लगी आग को बुझाते समय दमकल कर्मियों के लिए इमारत के सामने लटकते तार सबसे बड़ी चुनौती बने। आग वाली जगह के निकट पानी का कोई श्रोत भी नहीं था, इसलिए दमकल की गाड़ियों को पानी भरने के लिए वापस डिपो जाना पड़ा।
दिल्ली अग्निशमन सेवा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल पर भारी भीड़ एकत्र हो गई थी। अधिकतर लोग आग का वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। उनमें से कई लोग आग बुझाने की कोशिश कर रहे दमकल कर्मियों के करीब भी आ गए थे। लोगों को उन क्षेत्रों के करीब जाने से बचना चाहिए, जहां अग्निशमन अभियान चल रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आग बुझाने वाले लोग सुचारु रूप से काम कर सकें।
आग अस्पताल के बगल में एक बुटीक और दूसरी इमारत में एक निजी बैंक व चश्मे के शोरूम तक फैल गई थी। एक इमारत में घरेलू सामान बेचने वाली दुकान भी आग की चपेट में आई। एक स्कूटर, एक एम्बुलेंस और पास के आईटीआई परिसर के एक हिस्से में भी आग लग गई।
स्थानीय लोग इमारत और आईटीआई परिसर के बीच खड़े थे और वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे अभियानों के दौरान जनता को नियंत्रित करना सबसे बड़ी चुनौती होती है।
प्लास्टिक उपकरण में तेजी से लगती है आग
विवेक विहार स्थित बेबी केयर न्यू बोर्न अस्पताल प्लास्टिक के कई उपकरण रखे थे। इनमें आग तेजी से पकड़ती है। वहीं, ऑक्सीजन की उपलब्धता इस आग को और घातक बना सकती है।
डॉक्टरों की मुताबिक नवजात गहन देखभाल इकाई (एनआईसीयू) में बच्चों के लिए वेंटिलेटर, सी पैप मशीन, फोटो थेरेपी यूनिट सहित दूसरी मशीन होती हैं। इसके अलावा ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए प्लास्टिक व रबड़ की पाइप होती हैं।
सभी उपकरण बिजली से चलते हैं। इनमें आग लगने की आशंका काफी ज्यादा रहती है। इन मशीन की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की जाती है। विवेक विहार स्थित अस्पताल में इनकी सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम थे। इसकी जांच होना जरूरी है।