न्यायमूर्ति गिरीश कथपालिया की पीठ ने जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी, थाना प्रभारी के अदालत मौजूद नहीं होने पर पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताई।
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाते हुए जांच में लापरवाही और अदालत में अपूर्ण तैयारी के लिए फटकार लगाई है। न्यायमूर्ति गिरीश कथपालिया की पीठ ने जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी, थाना प्रभारी के अदालत मौजूद नहीं होने पर पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताई। जांच फाइल के बिना उप-निरीक्षक के पेश होने और अतिरिक्त अभियोजक की ओर से फाइल की अनुपस्थिति की जानकारी देने पर कोर्ट ने आश्चर्य जताया।
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अदालत ने कहा कि इस तरह की लापरवाही के आधार पर आरोपी को अग्रिम जमानत दी जा सकती है।अदालत ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आदेश की एक प्रति संबंधित डीसीपी को भेजने का निर्देश दिया और उम्मीद जताई कि पुलिस व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
इसके साथ ही, कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को औपचारिक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का अवसर देते हुए चार सप्ताह के भीतर जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई की तारीख, 28 अगस्त, तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।