उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार और पुलिस से राष्ट्रीय राजधानी में स्कूलों को बम की धमकियों की लगातार घटनाओं से निपटने के लिए एक कार्य योजना के बारे में जानकारी मांगी है।
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अदालत ने याचिकाकर्ता वकील अर्पित भार्गव द्वारा दायर एक आवेदन पर अधिकारियों को नोटिस भी जारी कर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याची ने दावा किया कि पिछले साल स्कूलों में बम की धमकी की पांच घटनाओं में से तीन की अभी तक जांच नहीं की गई है और उन्हें तार्किक निष्कर्ष पर नहीं पहुंचाया गया है।
न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि हलफनामे में कार्य योजना का संकेत दिया जाना चाहिए। डीपीएस, मथुरा रोड में पिछले वर्ष ऐसा ही एक धमकी भरा फोन आया था और इसी स्कूल में याची का बच्चा पढ़ता है।
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उन्होंने कहा कि हाल ही में इस न्यायालय को भी इसी तरह से निशाना बनाया गया था, जब 15 फरवरी को एक बम धमकी ईमेल ने सभी को परेशान कर दिया था और दिल्ली भर की सभी अदालतों में एक सख्त सुरक्षा अभ्यास शुरू करना पड़ा था। ऐसी घटनाएं दैनिक दिनचर्या बन गई हैं, इससे न केवल याचिकाकर्ता बल्कि सभी हितधारक प्रभावित हो रहे हैं। आवेदन में कहा गया है कि बच्चों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसका कोई समाधान नहीं दिखता, खासकर तब जब दिल्ली सरकार द्वारा आज तक कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया है।