हाईकोर्ट ने आश्वासन के बाद भी मध्य रिज क्षेत्र में 1.40 लाख पौधे लगाने के आदेश का पालन न होने पर दिल्ली सरकार के वन विभाग को कड़ी फटकार लगाई है। दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया था कि मध्य रिज क्षेत्र में 1.40 लाख पौधरोपण के आदेश का पालन बिना किसी देरी के किया जाएगा। अदालती अवमानना पर जवाब देते हुए यह बात कही थी।
न्यायमूर्ति नजमी वजीरी की पीठ के समक्ष दिल्ली सरकार ने कहा कि 3, 500 पौधे लगाए जा चुके हैं और ढाई हजार पौधे इस सप्ताह के अंत तक लगा दिए जाएंगे। इस पर कोर्ट ने कहा कि कोर्ट के आदेश की लगातार अवमानना हो रही है। वन विभाग ने अपने बचाव में कहा कि कोर्ट के 30 मई के आदेश के बाद मध्य रिज में सर्वे किया गया जिसमें वहां पर केवल ढाई हजार पौधे लगाने का स्थान है।
इसके अलावा यहां पर पानी भी मानवीकृत तरीके से दिया जाएगा। इसलिए शेष पौधों को अन्य दक्षिणी रिज में लगाने की अनुमति दी जाए। इससे असहमति जताते हुए कोर्ट ने नए पौधे पुराने पेड़ों के साथ लगाने के लिए कहा है। कोर्ट ने ट्रेड मार्क उल्लंघन मामले में एक कंपनी पर 80 लाख रुपये का जुर्माना किया था और उस राशि से रिज इलाके में पौधे लगाने पर खर्च करने को कहा था। कोर्ट ने यह आदेश 1.40 लाख पौधे लगाने का निर्देश फार्मा कंपनी मेक शार्प एंड डोहमे (एमएसडी) की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया था।
आदेश का पालन कीजिए और पौधे लगाइए
न्यायमूर्ति वजीरी ने कहा कि सरकार ने जो कहा है उसके मुताबिक केवल छह हजार पौधे लगाने का काम सप्ताह के अंत तक पूरा होगा, जबकि 1.40 पौधे लगाए जाने थे। कोर्ट के 30 मई के आदेश के मुताबिक यह काम 15 जून तक पूरा होना था। कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि इस आदेश को वन विभाग ऐसे दबाकर बैठ गया है जैसे राजधानी के लोगों के जीवन से उसे कुछ मतलब नहीं है। राजधानी में कितनी गर्मी है। इसलिए आदेश का पालन कीजिए और पौधे लगाइए।