20 दिसंबर को हुआ था प्रदर्शन
दरअसल 20 दिसंबर को नागरिकता कानून के विरोध में दिल्ली के कई इलाकों में प्रदर्शन हुए थे। दरियागंज में जामा मस्जिद के समाने और इंडिया गेट पर प्रदर्शनकारी एक साथ जुटे थे। जामा मस्जिद के पास भी नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन चल रहा था। भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद वहां प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे थे। इस दौरान वहां हिंसा भड़की, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और टैंकरों से पानी की बौछार की। पुलिस ने चंद्रशेखर को हिरासत में लेने की कोशिश भी की, लेकिन पहली बार में असफल रही।
चंद्रशेखर जामा मस्जिद के अंदर था और उसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस बाहर इंतजार करती रही। समर्थकों से घिरा होने के कारण पुलिस उस तक पहुंच नहीं सकी और वह वहां से भाग निकला। चंद्रशेखर ने कहा था कि जब तक यह काला कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा। दोपहर बाद से विरोध शांतिपूर्वक चल रहा है। प्रशासन के लोग दिन में जामा मस्जिद में घुसे और वहां मौजूद लोगों पर लाठीचार्ज किया। इसके बाद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने देर रात जामा मस्जिद से हिरासत में ले लिया था।