सोमवार को सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि उसने जेएनयू प्रशासन से हिंसा की घटना के सीसीटीवी फुटेज संरक्षित करने और सौंपने के लिए कहा है। दिल्ली सरकार की ओर से पेश वकील राहुल मेहरा ने अदालत से कहा कि पुलिस को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
पुलिस ने जेएनयू हिंसा की घटना से संबंधित दो ग्रुपों यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट और फ्रेंड्स ऑफ आरएसएस के डाटा को संरक्षित करने के लिए व्हाट्सएप को भी लिखा है। इसमें संदेश, फोटो, वीडियो और सदस्यों के फोन नंबर शामिल हैं।
बाहरी लोगों ने 5 जनवरी को जेएनयू के कई शिक्षकों और विद्यार्थियों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इस हिंसा से जेएनयू परिसर में मौहाल बेहद खराब रहा था। जेएनयू के तीनों प्रोफेसरों ने हाईकोर्ट से दिल्ली के पुलिस कमिश्नर और दिल्ली सरकार को घटना से जुड़े साक्ष्य संरक्षित करने के संबंध में निर्देश देने की अपील की है।
याचिका के मुताबिक, व्हाट्सएप और फेस बुक समेत अन्य सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े साक्ष्य मौजूद हैं और इन्हें संरक्षित करना जरूरी है, ताकि विद्यार्थियों और शिक्षकों पर हुए हमले के आरोपियों का पता लगाया जा सके।