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दिल्ली: केवीएस में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र 6 साल किए जाने को चुनौती याचिका पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Wed, 09 Mar 2022 03:14 AM IST
सुशील कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने केवीएस को इस मुद्दे पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 10 मार्च तय की है। केवीएस ने नये सत्र में पहली कक्षा में दाखिले के लिए 31 मार्च, 2022 को बच्चे का न्यूनमत उम्र छह साल होना अनिवार्य कर दिया।
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दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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हाईकोर्ट ने केंद्रीय विद्यालयों में पहली कक्षा में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र छह साल किए जाने संबंधी केवीएस के निर्णय को चुनौती मुद्दे पर जवाब मांगा है। यह याचिका एक बच्ची की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में दाखिले के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के कुछ प्रावधानों को चुनौती दी है।

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न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने केवीएस को इस मुद्दे पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 10 मार्च तय की है। केवीएस ने नये सत्र में पहली कक्षा में दाखिले के लिए 31 मार्च, 2022 को बच्चे का न्यूनमत उम्र छह साल होना अनिवार्य कर दिया। पहले पांच साल के बच्चे को दाखिला मिलता था। केंद्रीय विद्यालय में पहली कक्षा में दाखिले का इंतजार कर रही बच्ची आरिन की ओर से अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने केवीएस द्वारा पहली कक्षा में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र सीमा पांच साल से बढ़ाकर छह साल किए जाने को चुनौती दी है। 

उन्होंने याचिका में अचानक लिए गए केवीएस के इस निर्णय को मनमाना, अतार्किक और अनुचित बताते हुए रद्द करने की मांग की है। याचिका में कहा है कि याचिकाकर्ता की उम्र 5 साल 9 माह 28 दिन की है और वह अभी यूकेजी में पढ़ रही है और इस साल पहली कक्षा में दाखिला लेने का इंतजार कर रही है। याचिका में कहा गया है कि केवीएस के निर्णय बच्ची दाखिले के लिए आवेदन करने के अधिकार से भी वंचित हो जाएगी। याचिकाकर्ता ने कहा है कि केवीएस के इस निर्णय से वह पहली कक्षा में दाखिला नहीं ले पाएगी क्योंकि 31 मार्च, को उसकी उम्र छह साल पूरा नहीं होगा। अधिवक्ता अग्रवाल ने इसे शिक्षा के अधिकार के साथ-साथ बच्ची के मौलिक अधिकारों का हनन बताया है। 

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