हाईकोर्ट ने चल व अचल संपत्ति को आधार कार्ड से जोड़ने की मांग वाली जनहित याचिका पर आधार प्राधिकरण (यूआईडीएआई) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जनहित याचिका में कहा गया है कि संपत्ति का ब्यौरे आधार से जोड़ने से भ्रष्टाचार, काला धन व बेनामी लेनदेन पर अंकुश लगेगा। यह याचिका भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय ने दायर की है।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने यूआईडीएआई को नोटिस जारी कर 20 नवंबर से पहले जवाब मांगा है। यूआईडीएआई ने अर्जी दायर कर इस मामले में अपना पक्ष रखने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने केंद्र व दिल्ली सरकार से दोबारा जवाब मांगा है।
इससे पहले कोर्ट ने केंद्र व दिल्ली सरकार को 16 जुलाई को भी जवाब मांगा था। इस याचिका में उपाध्याय ने कहा है कि भ्रष्टाचार पर रोक लगाना व बेनामी संपत्ति की पहचान कर उसे जब्त करना सरकार की जिम्मेदारी है।
याची का दावा है कि संपत्ति को आधार कार्ड से जोड़ा जाता है तो इसमें केवल सालाना दो फीसदी की वृद्घि होगी और इससे काला धन पर अंकुश लगेगा, जिससे चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।