दिल्ली हाईकोर्ट ने सैनिक फार्म की दो रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) द्वारा व्यवसायिक वाहनों व एम्बुलेंस से कॉलोनी में प्रवेश का शुल्क लिए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम से जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने पुलिस व एमसीडी को स्पष्ट करने को कहा है कि आखिर अधिकारियों की अनुमति के बगैर दोनों आरडब्ल्यूए व्यवसायिक वाहनों और एम्बुलेंस से प्रवेश शुल्क कैसे वसूल रहे हैं।
अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि आरडब्ल्यूए ने प्रवेश द्वार पर गेट बनाया तो यह ठीक था, लेकिन वे सैनिक फार्म में प्रवेश करने के लिए किसी भी वाहन से प्रवेश शुल्क कैसे ले सकते हैं।अदालत ने सैनिक फार्म के एक निवासी की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है।
याचिका में दावा किया गया है कि सभी व्यवसायिक वाहनों, एम्बुलेंस और रोगियों द्वारा उपयोग के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर ले जाने वाले वाहनों से भी प्रवेश शुल्क लिया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने कहा कि इससे वहां के निवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर उन्हें जिन्हें एम्बुलेंस सेवाओं या ऑक्सीजन सिलिंडर की आवश्यकता है।
अदालत ने सभी पक्षों को मामले की अगली सुनवाई 4 जून से पहले जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिका में कहा गया है कि दोनों आरडब्ल्यूए द्वारा अधिकारियों से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना गेट स्थापित किए गए हैं और एक गेट को रात 10.00 बजे से सुबह 6.00 बजे तक बंद रखा जाता है।