फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi : हाईकोर्ट ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को लेकर की तल्ख टिप्पणी, कहा- यह मंच जालसाजों के लिए स्वर्ग नहीं

Sun, 07 Jan 2024 07:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी खेल सामग्री बनाने वाली कंपनी प्यूमा एसई की याचिका का निपटारा करते हुए की। प्यूमा ने आरोप लगाया था कि उसके ब्रांड का नकली सामान ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म इंडियामार्ट पर बेचा जा रहा है।
विज्ञापन
Delhi high court - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हाईकोर्ट ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को लेकर तल्ख टिप्पणी की है। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऐसी कोई प्रणाली नहीं होनी चाहिए, जिससे जालसाजों को ठगी करने का कोई मौका मिले। ये प्लेटफाॅर्म बौद्धिक संपदा का उल्लंघन करने वालों के लिए स्वर्ग नहीं बन सकते हैं।

विज्ञापन


हाईकोर्ट ने हालिया आदेश में कहा कि ई-कॉमर्स वेबसाइटें व्यावसायिक उद्यम हैं और स्वाभाविक रूप से लाभ कमाना उनका मकसद है। इसमें कुछ आपत्तिजनक भी नहीं है, पर उन्हें दूसरों के बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा करनी होगी। जस्टिस सी हरिशंकर ने कहा, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म कमाई बढ़ाने के लिए ऐसी व्यवस्था नहीं बना सकते, जिससे जालसाजों को मौका मिलता हो। ऐसी कोई भी व्यवस्था कानूनी तौर पर वैध नहीं।

हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी खेल सामग्री बनाने वाली कंपनी प्यूमा एसई की याचिका का निपटारा करते हुए की। प्यूमा ने आरोप लगाया था कि उसके ब्रांड का नकली सामान ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म इंडियामार्ट पर बेचा जा रहा है। इंडियामार्ट ने अपनी दलील में कहा कि वेबसाइट पर बिक्री के लिए रखे सामान से जुड़ी जानकारी वह नहीं देता। वह सिर्फ एक मंच प्रदान करता है। ब्यूरो
विज्ञापन


कंपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती :
हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश में कहा कि आईटी अधिनियम के तहत इंडियामार्ट सुरक्षित स्थान का दावा कर जिम्मेदारी से नहीं बच सकता है। कोर्ट ने उसे वेबसाइट से प्यूमा ब्रांड नाम से सभी नकली जानकारी हटाने और भविष्य में ऐसी जालसाजी रोकने का आदेश दिया। कहा, इंडियामार्ट ऐसी व्यवस्था बनाए कि उसके प्लेटफॉर्म का ठग दुरुपयोग न कर सकें।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें